अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। आईआरआईए झांसी चेप्टर ने फिलिप्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से स्थायी चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया। वक्ताओं ने कहा कि यह कार्यक्रम आपके व्यावसायिक कौशल और विशेषज्ञता को समृद्ध करने के लिए महत्वपूर्ण है।
पेट की चोट में सीटी की भूमिका के बारे में डॉ. रतन सतंगी एमएच झांसी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डायग्नोसिस में देरी होने से मरीज़ को इन्फेक्शन व शॉक तक हो सकता है। आगरा से आईं डॉ. अंजलि गुप्ता ने भारत में प्रसवकालीन मृत्यु की रोकथाम पर चर्चा की। झांसी शाखा की अध्यक्ष एवं रेडियोडायग्नोसिस प्रोफेसर रचना चौरसिया ने उचित निदान को इलाज का पहला कदम बताया और और बताया कि झांसी शाखा नियमित रूप से रेडियोलॉजिस्टों के ज्ञान को बढ़ाने का प्रयास कर रही है। सचिव डॉ. आशीष ऊक्सा ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ. प्रवीण जैन, डॉ. रवींद्र वर्मा, डॉ. अनुपमा जैन समेत 40 रेडियोलॉजिस्ट ने भाग लिया।