झांसी। मप्र समेत आसपास के इलाकों में अच्छी मानसूनी बारिश होने से जिले में आगामी रबी सीजन में सिंचाई के लिए किसानों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। झांसी मंडल के सभी बांध अपनी क्षमता के मुताबिक करीब पूरी तरह भर गए हैं। इनके भर जाने से झांसी में लोगों को पीने के पानी के लिए भी नहीं परेशान होना होगा।
झांसी की पानी की जरूरत का करीब नब्बे फीसदी जरूरत यहां बने जलाशयों से ही पूरी होती है। अधिकांश जलाशय बेतवा नदी के माध्यम से भरते हैं। भोपाल से निकलने वाली बेतवा का पानी यूपी में सबसे पहले ललितपुर में राजघाट बांध पर रोका जाता है। वहां से माताटीला बांध तक पानी आता है। यहां से झांसी के सुकुवां-ढुकुवां बांध एवं पारीछा बांध पर पानी भरा जाता है। इस बार जुलाई-अगस्त के बीच ही करीब ग्यारह हजार क्यूसेक पानी राजघाट जलाशय से छोड़ा गया। इस वजह से सितंबर तक ही यह जलाशय पूरी तरह भर गए। इनके भर जाने से बेतवा प्रखंड की नहरें आसानी से चलाई जा सकेंगी। बता दें, झांसी में रबी की खेती पूरी तरह नहरों पर ही आधारित होती है। नवंबर माह से लेकर करीब फरवरी के आखिरी तक यह नहरें चलाई जाती हैं। इसी तरह पीने का पानी भी इन्हीं जलाशयों से लिया जाता है। माताटीला प्रखंड के एक्सईएन मो.फरीद के मुताबिक इस बार जलाशय सितंबर के आखिरी तक पूरी तरह भर गए।
जलाशयों का नाम जलाशय का जलस्तर मीटर में
राजघाट 371 मीटर
चौ.चरण सिंह, माताटीला 308.46 मीटर
चौ.चरण सिंह ढुकुवां 271.42 मीटर
चौ.चरण सिंह पारीछा 193.37 मीटर
डोंगरी 270.70 मीटर
लखेरी 182.40 मीटर