झांसी। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य प्रोफेसर फरीदा अब्दुला खान ने कहा कि विद्यालयों में मुस्लिम बच्चों के साथ भेदभाव किया जाता है। ऐसे में यह बच्चे पढ़ाई में पीछे रह जाते हैं। वह मिल्लत एजूकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में राजकीय संग्रहालय में आयोजित मुस्लिम महिला शिक्षा जागरूकता सम्मेलन एवं मेधावी छात्रा अभिनंदन समारोह में भाग लेने के बाद अमर उजाला से बात कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि शोध के बाद पाया गया है कि विद्यालयों का वातावरण विशेष रूप से शिक्षकों का व्यवहार मुस्लिम समुदाय के बच्चों के लिए अलग रहता है। उन्होंने सहिष्णुता व असहिष्णुता विवाद पर कहा कि कु छ संगठन कौमों को बांटने का काम कर रहे हैं।
देश में मुस्लिमों के अधिकारों को चुनौती दी जा रही है। ऐसे में आवश्यक है कि सरकार इस चुनौती को गंभीरता से समझे और डर पैदा करने वाले संगठनों पर लगाम लगाए।
प्रधानमंत्री देश के लोगों को भरोसा दिलाएं कि इस देश के सभी नागरिक बराबर हैं। उन्होंने साहित्यकारोें द्वारा किए जा रहे सम्मान वापसी का समर्थन किया।