झांसी। हत्या के एक मामले में समझौते के लिए तय हुई दस लाख रुपये की रकम और बोलेरो गाड़ी में हिस्सा मांगने पर थाना सदर बाजार क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर की हत्या उसकी पत्नी ने अपने भतीजे व उसके दोस्त के साथ मिलकर की थी। इन लोगों ने पिस्टल से गोली मारकर नदीम को मार डाला था। इस मामले में पुलिस ने नदीम की पत्नी, उसके भतीजे समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से पिस्टल, कारतूस बरामद किए गए हैं। तीनों को जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी डी प्रदीप कुमार ने बताया कि चार फरवरी की रात थाना सदर बाजार क्षेत्र स्थित परदेसी मोहल्ला निवासी हिस्ट्रीशीटर नदीम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पत्नी नसरीन ने एक मुकदमे में रंजिश बताते हुए मोहसिन व शानू पर हत्या का आरोप लगाया था। एफआईआर दर्ज कर प्रभारी निरीक्षक नरेेंद्र प्रताप गौतम ने छानबीन शुरू कर दी थी। जांच दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं। पाया कि मोहसिन व शानू हत्या में शामिल नहीं हैं। पुलिस ने हत्या की कई कड़ियों को जोड़ पड़ताल की तो चौंकाने वाली बात सामने आईं। इसमें पत्नी की संलिप्तता नजर आई। इस पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गई।
पूछताछ में नसरीन ने बताया कि 25 अप्रैल 2014 को उसकी बहन शहनाज व उसके पुत्र बाबू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिश्तेदार अहसान, इद्दी, बसीम, इदरीस व अहमद जेल गए थे। पति के साथ मिलकर पुरजोर पैरवी कराने के चलते पांचों को वर्ष 2017 में आजीवन कारावास की सजा मिली थी। समय बीतने के साथ ही समझौते के प्रयास शुरू हो गए। विपक्षियों से दस लाख रुपये व बोलेरो गाड़ी देनेे पर समझौता हुआ। इसके चलते उसका पति बहन के पुत्र सलमान से आधी रकम मांगने लगा। मना करने पर विवाद होने लगा। मना करने पर भी वह नहीं माना। इस पर उसने
सलमान व उसके दोस्त शेखू से मिलकर हत्या की साजिश रची। चार फरवरी की रात नदीम को शराब पिलाने के बाद घर के पास पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी। फंसाने के लिए मोहसिन व शानू का नाम लिखा दिया था। इस पर पुलिस ने नसरीन, सलमान व शेखू को गिरफ्तार कर लिया। टीम में प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र प्रताप गौतम, एसआई पुरुषोत्तम तिवारी, विश्वनाथ सिंह, विजय कुमार, योगेंद्र व सत्येंद्र मौजूद रहे।
बेगुनाह जेल जाने से बचे
हत्याकांड में पुलिस को शुरूआत से ही झोल नजर आने लगा था। कॉल डिटेल व अन्य जानकारियां पत्नी की तरफ की इशारा कर रही थीं। कई महत्वपूर्ण तथ्य जुटाने के बाद हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ के बाद अपना जुर्म स्वीकार किया। पुलिस की सही तफ्तीश के चलते दोनों आरोपी जेल जाने से बच गए।