अमर उजाला ब्यूरो
झांसी/मोंठ। शिकायत की सुनवाई न होने से दुखी युवक ने बुधवार दोपहर तहसील परिसर पहुंचकर खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया हालांकि समय रहते आसपास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। एसडीएम अवनीश तिवारी भी तुरंत पहुंच गए। उन्होंने उसे अस्पताल भिजवाया। पूछताछ में मालूम चला कि गांव के एक व्यक्ति को उसने जमीन बेची थी। अब वह उसे बकाया पैसा नहीं दे रहा था। इसकी शिकायत लेकर वह तहसील पहुंचा था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया बुधवार दोपहर करीब 12 बजे थाना समथर के छोटा बेलमा गांव निवासी मनोज राजपूत तहसील परिसर में खुद पर पेट्रोल छिड़कने के बाद जमीन पर लेट गया। यह देख वहां अफरा- तफरी मच गई। आसपास के लोगों की मदद से एसडीएम ने उसे अस्पताल भिजवाया। पूछताछ में मनोज ने बताया कि गांव के एक व्यक्ति को पांच लाख रुपये में अपनी जमीन बेची थी। तीन लाख रुपये उसे दिए गए लेकिन, अब बाकी दो लाख रुपये नहीं मिल रहे। कुछ दिनों पहले दुर्घटना में उसका हाथ टूट गया। इलाज के लिए उसे पैसों की जरूरत है। मांगने के बाद भी आरोपी पैसा नहीं दे रहा है। इसकी शिकायत लेकर मनोज बुधवार को तहसील परिसर पहुंचा। उसने बोतल में पेट्रोल लिया था। अचानक ही उसने पूरी बोलत अपने ऊपर उड़ेल लिया। गनीमत रही कि समय रहते लोगों की निगाह उस पर पड़ गई। एसडीएम अवनीश तिवारी के मुताबिक तुरंत ही उसे सरकारी गाड़ी से अस्पताल भेज गया। जहां उसका उपचार किया गया। युवक पूरी तरह स्वस्थ है। मामले की जांच की जा रही है।
इनसेट
दो दिन में लगातार दूसरी घटना
मंगलवार को मोंठ एसडीएम न्यायिक के न्यायालय कक्ष में एक दिव्यांग ने भी अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया था। सुरक्षा के बावजूद पेट्रोल के साथ तहसील के अंदर तक पहुंच जाने से सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खुल गई। दो दिन के भीतर लगातार दो घटनाओं से अफसरों में खलबली मची है। तहसील कर्मियों का कहना है कि सुरक्षा के लिए कर्मचारी तैनात थे लेकिन, दोनों ही दिन उनको चकमा देकर पेट्रोल लेकर लोग अंदर तक आ पहुंचे।