झांसी। पॉलीटेक्निक दुष्कर्म प्रकरण में हुई जांच की रिपोर्ट प्राविधिक शिक्षा निदेशक के पास है। वह इसका अध्ययन कर रहे हैं। आगामी दो दिन में वह अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे। रिपोर्ट के साथ वह कई सुझाव देंगे। साथ कई लोगों पर कार्रवाई की सिफारिश भी करेंगे।
11 अक्तूबर की सुबह करीब 11 बजे 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा को हॉस्टल के अंदर घसीटकर ले जाकर दुष्कर्म किया गया था। इसमें आठों आरोपी छात्रों की गिरफ्तारी हो चुकी है। साथ ही सभी आरोपी जेल भी भेजे जा चुके हैं। आरोपियों को कॉलेज से बर्खास्त भी कर दिया गया है। वहीं, मामले की जांच के लिए प्राविधिक शिक्षा निदेशक ने उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया था। समिति जांच कर अपनी रिपोर्ट निदेशक को सौंप चुकी है। वहीं, निदेशक रिपोर्ट का अध्ययन कर रहे हैं। वह दो दिन में अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे। इस रिपोर्ट में कुछ सुझाव भी शामिल होंगे।
सूत्रों ने बताया कि पॉलीटेक्निक के हॉस्टल के सामने से गुजरने वाली सड़क को दोनों तरफ से गेट लगाकर बंद किया जा सकता है। इसके अलावा हॉस्टल की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का सुझाव भी दिया जा सकता है। सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने को लेकर भी कुछ न कुछ सिफारिश निदेशक की तरफ से की जाएंगी। वहीं, इतनी बढ़ी घटना हॉस्टल के अंदर होने के पीछे अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली भी तो जिम्मेदार नहीं है, इस पर भी अध्ययन किया जा रहा है। ऐसे में कुछ और लोगों पर कार्रवाई संभव है।
पहले मेस चलाने वाले के पास थी चाबी!
घटना के बाद पॉलीटेक्निक कॉलेज प्रशासन का कहना था कि छात्रों के पास हॉस्टल की डुप्लीकेट चाबी है। मगर सूत्रों ने बताया कि उच्च स्तरीय समिति की जांच में सामने आया है कि पहले मेस चलाने वाले व्यक्ति के पास हॉस्टल की चाबी थी। मेस का संचालन हटने के बाद निजी व्यक्ति के पास चाबी क्यों रही? इसका जिम्मेदार कौन है, शासन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में यह बात भी शामिल की जाएगी।