मानपुर गांव का दिनेश अपने पिता से झगड़ कर जान देने पर उतारू हो गया था। उसने कमरा बंद करके खुद को फांसी के फंदे पर लटका लिया। परिजनों की सूचना पर तत्काल पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उसे फंदे से उतारा और फिर आत्मघाती कदम न उठाने की कसम दिलाई।
पुलिस की लेट लतीफी के किस्से तो तमाम है, लेकिन बुधवार को पुलिस की तत्परता से एक गरीब का बेटा मरने से बच गया। हुआ यूं कि बबीना थाना क्षेत्र के मानपुर गांव में रहने वाले मजदूर परमेश्वर दास के पांच पुत्रों में से तीसरे नंबर के बेटे दिनेश (17) ने उससे काम करने के लिए पैसों की मांग की। मजदूरी करके जीवन यापन करने वाले परमेश्वर ने पैसे देने में असमर्थता जताई तो दिनेश उससे नाराज हुआ गया। काफी देर तक बहस होने पर परमेश्वर ने उसे डांट दिया। पिता की डांट से क्षुब्ध होकर दिनेश बुधवार शाम करीब 6.30 बजे कमरे में चला गया और उसे अंदर से बंद कर लिया। परिजनों ने खिड़की से झांका तो वह रस्सी से फंदा बनाकर आत्महत्या करने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने उसे रोका, लेकिन वह किसी की सुनने को तैयार नहीं था। इसी बीच परिजनों ने 100 नंबर पर फोन करने की घटना की जानकारी पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही थाने पर खड़ी डायल 100 की गाड़ी मौके पर रवाना हुई। थाने से दिनेश का घर सात किलोमीटर दूर है। पुलिस ने महज चार मिनट में यह दूरी तय की। डायल 100 की गाड़ी में सवार हेड कांस्टेबल लाल सिंह, कांस्टेबल शिवपाल सिंह, सिपाही जोगेंद्र सिंह, राघवेंद्र सिंह और अरविंद ने दरवाजा तोड़कर फंदे पर लटके दिनेश को उतारा और उसे पिता सहित थाने ले आए। प्रभारी थानाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह ने बताया कि दिनेश को समझाया गया कि उसका यह कदम परिवार पर कितना भारी पड़ता। दिनेश को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने अपने पिता से माफी मांग कर भविष्य में फिर ऐसा न करने की कसम ली। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है।