खिलारा (झांसी)। प्रदेश सरकार भले ही सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दावा करे, लेकिन हकीक त दावों के विपरीत है। तहसील क्षेत्र का खकौरा संपर्क मार्ग इतना जर्जर हो चुका है कि सोमवार को प्रसव के लिए परिजनों के साख टैक्सी से अस्पताल जा रही गर्भवती जर्जर सड़क के हिचकोले सह नहीं पाई और दर्द से कराह रही महिला का टैक्सी में प्रसव हो गया। इसके बाद परिजन जैसे-तैसे जच्चा-बच्चा को अस्पताल ले गए। वहीं लोगों का कहना है कि इस जर्जर सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल है।
मऊरानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम खकौरा निवासी कल्लू कुशवाहा की पत्नी रेखा देवी को सोमवार की सुबह प्रसव पीड़ा हुई थी। इस पर परिजन आशा राजकुमारी को साथ लेकर टैक्सी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊरानीपुर लेकर जा रहे थे। संपर्क मार्ग बेहद जर्जर होने से गर्भवती दर्द से कराहने लगी, वह लोग ग्राम कदौरा के आगे पहुंचे तभी टैक्सी में ही गर्भवती का प्रसव हो गया। परिजन जैसे-तैसे जच्चा-बच्चा को मऊरानीपुर अस्पताल ले गए, जहां जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ होने पर दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
आधे घंटे का रास्ता तय करने में लगते हैं दो घंटे
तहसील मुख्यालय से तीस किलोमीटर सुदूरवर्ती ग्राम खकौरा तक का संपर्क मार्ग वर्षों से उखड़ा पड़ा हुआ है। जिससे पुरवा, घाटकोटरा, कदौरा, भानपुरा, कुअरपुरा, बिरगुआं तक के वाहन चालकों को उबड़-खाबड़ गड्ढों वाली सड़क से मजबूरन प्रतिदिन निकलना पड़ रहा है। मुसीबत तो उस समय हो जाती है जब किसी की अचानक तबीयत खराब हो जाती या गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा से गुजरना पड़ता है। आधे घंटे का रास्ता तय करने में लोगों को दो घंटे से अधिक का समय लग रहा है। क्षेत्रवासियों ने अनेकों बार संपर्क मार्ग को सही कराने की मांग की है लेकिन लोक निर्माण विभाग लगाकर अनसुनी कर रहा है।