झांसी। समीक्षा बैठक के दौरान बड़े पैमाने पर लंबित विवेचनाओं के आंकड़े देख डीआईजी का पारा चढ़ गया। उन्होंने वहां मौजूद तीन जनपदों के पुलिस अधीक्षकों निर्देश दिया कि विवेचकों को अंतिम चेतावनी दे दें। यदि विवेचनाओं का निपटारा समय रहते नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी। पुलिस अधीक्षक भी विवेचना के मामलों की नियमित समीक्षा करें।
डीआईजी शरद सचान ने शनिवार को कैंप कार्यालय में अपराध समीक्षा बैठक के दौरान लंबित विवेचनाओं का ब्योरा देख नाराजगी जताई। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों से विवेचकों पर लगाम कसने व नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रमजान का पवित्र माह शुरू हो चुका है। अलविदा जुमा और ईद के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। मिश्रित आबादी क्षेत्र में शरारती तत्वों पर पैनी नजर रखी जाए। बेहतर होगा कि जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित करके रणनीति बनाई जाए।
विवेचनाओं के निस्तारण की धीमी गति को लेकर झांसी व जालौन को आड़े हाथ लिया। कहा कि सीओ अपने कार्यों का सही तरह से निर्वहन नहीं कर रहे हैं जिसकी वजह से मुकदमों की चार्जशीट व फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में पेश नहीं हो पा रही हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों के पीएनओ नंबर जल्द से जल्द पूरे किए जाएं। अंडर ट्रांसफर पुलिस कर्मियों को जल्द कार्य मुक्त किया जाए। डायल 100 को लेकर अभी से पुलिस कंट्रोल रूम को सक्रिय किया जाए। एसपी माह में एक बार और सीओ सप्ताह में एक बार कंट्रोल रूम का निरीक्षण करें। जहां-जहां फायर सर्विस सेंटर खोले जाने हैं, वहां जगह तलाशने का काम शुरू कर दिया जाए।
प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए ताकि कार्य जल्द से जल्द शुरू कराया जा सके। उन्होंने कहा कि वाहन चोरी की वारदातें झांसी में रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। ठोस रणनीति बनाकर वाहन चोर गिरोहों की धरपकड़ की जाए। इस दौरान एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, एसपी देहात अरुण कुमार दीक्षित, एसपी ललितपुर इमरान खान व एसपी जालौन अशोक कुमार त्रिपाठी मौजूद रहे।