महारानी लक्ष्मीबाई के किले के पास स्थित क्राफ्ट मेला मैदान में विशाल जनसभा में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर बनने से बुंदेलखंड को मार्केट मिलेगा। कॉरिडोर में बनने वाले सेना के उत्पादों को रक्षा मंत्रालय खरीदेगा। इससे बुंदेलखंड के कई युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा किए गए विकास, योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि अब बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि फिक्की, एसोचेम, सीआईआई आदि संस्थाओं को बुंदेलखंड लाकर यहां के उद्योगपतियों से बात कराएंगे। कॉरिडोर में काम करने वाली कंपनियों को रक्षा मंत्रालय की तरफ से सेना के सामान की सूची दी जाएगी। जो उत्पाद कंपनियां बना सकती हैं, उन्हें बनाने का ऑर्डर दिया जाएगा। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे मार्ग पर टेस्टिंग लैब भी बनाई जाएंगी। लैब के जरिए भी रोजगार के काफी अवसर खुलेंगे। रक्षा मंत्री बोलीं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और क्षेत्रीय सांसद उमा भारती खुद डिफेंस कॉरिडोर बनने को लेकर लगातार प्रयासरत रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के विकास और बेरोजगारी दूर करने के लिए ही लखनऊ में 21-22 फरवरी को इंवेस्टर्स समिट कराई गई। इसके जरिए पहली बार प्रदेश में चार लाख 68 करोड़ का निवेश हुआ है। युवाओं को रोजगार दिलाने और किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में कराए गए विकास भी गिनाए।
क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर में 20,000 करोड़ का निवेश होगा। साथ ही 50 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस दौरान 82.05 करोड़ की 33 परियोजनाओं का शिलान्यास और 34.21 करोड़ की चार परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। जनसभा से पहले रक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री ने झांसी होटल में डिफेंस कॉरिडोर को लेकर उद्यमियों के साथ बैठक की। इसमें रक्षा मंत्री ने कहा कि कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना के बाद रक्षा मंत्रालय घरेलू हथियारों को खरीदने पर अधिक जोर देगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेशकों को उत्तर प्रदेश में सुरक्षित उद्योग का भरोसा दिलाया।