मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने ड्रीम प्रोजेक्ट डायल-100 का शुभारंभ दो नवंबर को लखनऊ में करेंगे। इसके लिए पुलिस लाइन में 45 कारें आ गई हैं। शनिवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने वाहनों का निरीक्षण करने के बाद बताया कि जिले में 50 हजार प्वाइंट गूगल मैप पर फीड किए गए हैं, जिसके आधार पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंचेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि पीड़ित की सूचना मिलते ही पुलिस मदद करने के लिए पहुंचे। इसके लिए डायल-100 सेवा को बनाया गया है। पहले चरण में यह सेवा प्रदेश के नौ जिलों में एकसाथ शुरू होने जा रही है, जिसमें झांसी भी शामिल है। उन्होंने बताया कि डायल 100 के लिए आए वाहन आधुनिक संसाधनों से लैस हैं। इनमें जीपीएस सिस्टम, एमडीटी (मोबाइल डाटा टर्मिनल) दंगा नियंत्रण उपकरण, प्राथमिक उपचार उपकरण और वायरलेस सिस्टम आदि हैं। उन्होंने बताया कि शहर क्षेत्र में पुलिस का मौके पर पहुंचने का समय 15-20 मिनट हैं जबकि देहात में 20 मिनट निर्धारित किया गया है। इस सेवा के संचालन के लिए जिले में 105 मुख्य आरक्षी, 105 आरक्षियों तथा 94 ड्राइवरों को नियुक्त किया गया है।
तीन शिफ्ट में होगी ड्यूटी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डायल 100 में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी तीन शिफ्ट में होगी, प्रत्येक शिफ्ट आठ घंटे की होगी। एक वाहन में एक हेड कांस्टेबल, एक कांस्टेबल को लगाया जाएगा।