रविवार की दोपहर तकरीबन साढ़े तीन बजे कई इलाकों में झटके महसूस हुए। घरों के दरवाजे-खिड़कियों में कंपन होने लगा। भूकंप की आशंका से घबराए लोग अपने घरों के बाहर खुले मैदान की ओर भागे। कुछ समय के लिए अफरातफरी मच गई। बाद में स्थिति सामान्य हो गई। प्रशासन ने भूकंप की पुष्टि नहीं की है। लेकिन, कंपन का कारण भी स्पष्ट नहीं हो पाया।
रविवार का अवकाश होने की वजह से ज्यादातर लोग अपने घरों में थे। इसी दरम्यान दोपहर में तकरीबन तीन बजकर बीस मिनट पर लोगों को कंपन का अहसास हुआ। घरों के दरवाजे-खिड़की हिलने लगे। यह स्थित डेढ़ से दो मिनट तक बनी रही। भूकंप की आशंका से लोग घबरा गए और परिवार समेत घरों के बाहर खुले मैदानों की ओर भागे। इससे कई इलाकों में अफरातफरी की स्थिति पैदा हो गई। काफी देर तक लोग घरों के बाहर ही रहे। लेकिन, बाद में स्थिति सामान्य हो गई। तब कहीं जाकर लोगों ने राहत की सांस ली और घरों को वापस गए।
कंपन सीपरी बाजार, ललितपुर रोड, सदर बाजार, छावनी क्षेत्र, ग्वालियर रोड, शिवाजी नगर के आसपास महसूस किया गया। बरुआसागर में भी कंपन हुआ। हालांकि, शहर के भीतरी हिस्से में लोगों को धरती के कांपने का अहसास नहीं हुआ।
भूकंप की पुष्टि नहीं
भूकंप होता तो डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी से मेसेज आ जाता, जिसमें रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता की जानकारी भी दे दी जाती। लेकिन, कोई मेसेज नहीं आया है। इससे भूकंप की पुष्टि नहीं की जा सकती है।
- शिवसहाय अवस्थी, जिलाधिकारी
तेज धमाकों की भी आवाज
कंपन के दरम्यान कई इलाकों में तेज धमाकों की भी आवाज सुनाई दी। लोग कयास लगाते रहे कि शहर से सटे किसी इलाके में पत्थर तोड़ने के लिए तेज ब्लास्टिंग की गई, जिससे धरती कांपी। लेकिन, किसी एक इलाके की जगह अलग-अलग हिस्सों में झटके महसूस होने से यह कयास भी पुष्ट नहीं हो पाए।
बरुआसागर में भी झटके
बरुआसागर। रविवार को दोपहर साढे तीन बजे नगर में झटके महसूस किये गये, जिससे लोगों में दहशत फैल गयी और वह घरों के बाहर निकल आये। इससे कुछ समय तक लोगों में हड़कंप की स्थिति रही। बाद में स्थिति सामान्य होने पर लोग अपने काम पर वापस लौटे।
दो साल पहले आया था भूकंप
25 अप्रैल 2015 को नेपाल में विनाशकारी भूकंप आया था। इसके झटके देश के कई हिस्सों में भी महसूस किए गए थे। झांसी में भी इसका अहसास हुआ था। लोग कामकाज छोड़कर घर और दफ्तरों से बाहर निकल आए थे। तब रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 2 से 2.5 दर्ज की गई थी। कम तीव्रता की वजह से जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ था।
प्लेटों के टकराने से होता है
धरती कई प्लेटों पर टिकी हुई है। यह प्लेटें जब अपना स्थान बदलती हैं और आपस में टकराती हैं, तब भूकंप आता है। प्लेटों में कितनी जोरदार टक्कर हुई है, यही भूकंप की तीव्रता तय करती हैं। आमतौर पर यह प्लेट टकराती रहती हैं, लेकिन इनकी तीव्रता बेहद कम होने की वजह से भूकंप का अहसास नहीं होता। संभावना है कि रविवार की दोपहर भी प्लेटों में कुछ गड़बड़ी हुई होगी, जिससे लोगों को कंपन का अहसास हुआ।
- डा. डी के मिश्रा, विभागाध्यक्ष - भूगोल, बुंदेलखंड महाविद्यालय
तीव्रता का यह होता है असर
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- 0-1.9: इसका असर महसूस नहीं होता।
- 2-2.9: केवल हल्का कंपन महसूस होता है।
- 3-3.9: कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर जाए, ऐसा अहसास होता है।
- 4-4.9: खिड़कियां टूट सकती हैं, दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं।
- 5-5.9: बड़ी चीजें हिल सकती हैं। फर्नीचर हिल सकता है।
- 6-6.9: इमारतों की नींव ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है।
- 7-7.9: इमारतें गिर जाती हैं, जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं।
- 8-8.9: बड़ी इमारतों के साथ-साथ बड़े पुल भी गिर जाते हैं।
- 9 से अधिक: पूरी तबाही। कोई मैदान में खड़ा हो तो उस धरती लहराती हुई दिखेगी, जबकि, समुद्र में सुनामी।
भूकंप आने पर बरतें सावधानी
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- भूकंप आने पर तत्काल झुक जाइये
- बेड या मेज के नीचे आ जाएं
- मेज को कसकर पड़ लें
- फर्नीचर, खिड़की और लैंप से दूर रहें
- बाहर हैं तो इमारत, बिजली के खंभों से दूर रहें
- गाड़ी चला रहे हैं तो किसी सुरक्षित जगह रुक जाइये, लाइट जलाकर गाड़ी के अंदर ही बैठे रहें