झांसी। कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीज का जीवन बचाने के लिए किसान का बेटा सौ किलोमीटर दूर से भागा चला आया। मेडिकल कॉलेज में उसने प्लाज्मा दान किया और कहा कि जिसकी भी जिंदगी बचेगी वो जीवन भर दुआएं देगा। इससे बड़ा पुण्य कुछ नहीं हो सकता है। ऐसे में कोरोना से ठीक हो चुके लोगों को प्लाज्मा दान जरूर करना चाहिए।
कोरोना महामारी पूरे चरम पर है। लगातार सैकड़ों मरीज सामने आ रहे हैं। गंभीर मरीज उपचार के दौरान दम भी तोड़ते जा रहे हैं। इन हालातों में स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई है। कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी भी काफी कारगर साबित हुई है। मगर कोरोना को मात दे चुके लोग प्लाज्मा दान करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। इस बीच, गांव में रहने वाले इंजीनियरिंग के छात्र ने समाज को बड़ा संदेश दिया है। बामौर के किसान उत्तम चंद शिवहरे के पुत्र रविकांत ने सोमवार को मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा दान किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने उनसे संपर्क किया था। आईआईटी गुवाहटी से इंजीनियरिंग पासआउट रविकांत तुरंत तैयार हो गया। जांच में मानक से सात गुना ज्यादा एंटीबॉडी पाई गई। अब यह प्लाज्मा दो मरीजों को चढ़ाया जाएगा।
परिजन कर रहे थे मना, समझाकर मनाया
रविकांत ने बताया कि परिजन सोच रहे थे कि प्लाज्मा दान करने से कमजोरी आती है। फिर मैंने उन्हें समझाया कि पढ़ा-लिखा हूं। प्लाज्मा दान करने से कुछ भी परेशानी नहीं होती है। इसके बाद परिजन मान गए। अब वह कोरोना से ठीक हो चुके दूसरे लोगों को प्लाज्मा दान करने के लिए प्रेरित कर रहा है।