संवाद न्यूज एजेंसी
डोंगराखुर्द (ललितपुर)। कथा व्यास विद्या भारती ने शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने अपने भक्तों का उद्धार व पृथ्वी को दैत्य शक्तियों से मुक्त कराने के लिए अवतार लिया था। जब-जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं।
पांडव वन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास ने कहा, जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुईं, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान की लीला वे स्वयं ही समझ सकते हैं। भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए। कथा में श्रद्धालु भाव विभोर होकर नाचते दिखे।