जेल में बंद बदमाश चुनाव को प्रभावित नहीं कर पाएंगे। इस बार एडीजी (जेल) ने जेल में बंद ऐसे बदमाशों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं, जो चुनाव प्रभावित कर सकते हैं। बंदियों से मुलाकात जेलर या वरिष्ठ जेल अधीक्षक की मौजूदगी में होगी।
एडीजी की ओर से निर्वाचन कार्यालय में आए सरकुलर के मुताबिक प्रदेश में 69 कारागार हैं, जिनमें करीब 55 हजार बंदी हैं। इसमें से बहुत से बदमाश ऐसे हैं, जिनके संबंध राजनीतिक दलों के नेताओं से हैं। ये ऐसे लोग हैं, जिनके इशारे पर वोट मनचाहे प्रत्याशी को दिलाया जा सकता है। कुछ राजनीतिक दलों के लोग भी इनदिनों जेल में हैं जो चुनाव प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए तय किया गया है कि जो बदमाश राजनीतिक दलों से ताल्लुक रखते हैं, उनकी निगरानी की जाए। किस बदमाश से मिलने कौन आया? इसकी सूचना भी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाए। ऐसे बदमाशों की सूची भी भेजी जाए, जिनसे चुनाव प्रभावित होने का खतरा है। तब उन्हें दूसरी जेल में ट्रांसफर करने पर विचार होगा।
जेलों की 88 बैरकें संवेदनशील
प्रदेश की 69 जेलों में 88 बैरकें संवेदनशील हैं। इन सभी बैरकों में ऐसे शातिर बदमाश बंद हैं, जिनके राजनीतिक दलों अथवा राजनीति करने वालों से संबंध हैं।