झांसी। आधे से अधिक मानसूनी सीजन बीतने के बावजूद जिले के सात प्रमुख बांधों में उपयोगी जल बेहद कम है। डोंगरी, पहूज, पथरई समेत कई बांधों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा है। यदि अगले 20 दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ के साथ रबी सीजन की सिंचाई भी प्रभावित हो सकती है।
सिंचाई विभाग के अनुसार डोंगरी बांध में मात्र 1.19 प्रतिशत, पथरई में 8.88 प्रतिशत, पहाड़ी में 21.48 प्रतिशत, पहूज में 22.06 प्रतिशत, लखेरी में 30.38 प्रतिशत, सपरार में 36.08 प्रतिशत और खपरार में 38.09 प्रतिशत उपयोगी जल उपलब्ध है। इन जलाशयों में फिलहाल सिंचाई के बजाय पेयजल को प्राथमिकता दी जा रही है। विभाग के नोडल अधिकारी बृजेश पोरवाल ने उम्मीद जताई है कि मानसून के शेष दौर में जलस्तर में सुधार होगा।
झांसी में सबसे कम बारिश
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार एक जून से अब तक झांसी में केवल 166 मिमी बारिश हुई है, जो बुंदेलखंड में सबसे कम है। तुलना में ललितपुर में 225 मिमी, जालौन में 195 मिमी, हमीरपुर में 263 मिमी और बांदा में 447 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। कम बारिश के कारण जिले की प्रमुख नदियां अभी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं।