झांसी। पुरातत्व विभाग की तमाम बंदिशों के बाद भी संरक्षित पुरातात्विक स्मारक किला और रानी महल के आस-पास धड़ाधड़ मकानों और इमारतों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण निर्माण करने वालों में कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है।
महानगर का ऐतिहासिक किला, रानी महल व झोकनबाग स्थित सिमिट्री को पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किया गया है। सरकारी नियम के अनुसार संरक्षित इमारत के 100 मीटर के दायरे में निर्माण पर रोक लगी हुई है। जबकि 101 से 300 मीटर का दायरा विनियमित क्षेत्र होता है। इस दायरे के भीतर निर्माण करने पर पुरातत्व विभाग से अनुमति लेना आवश्यक है। विभाग की अनुमति मिलने के बाद ही निर्माण कार्य को शुरू किया जा सकता है। लेकिन विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण संरक्षित इमारतों के आस-पास खूब निर्माण किए जा रहे है। खासतौर पर रानी महल और किले के आस-पास तो निर्माणों का अंबार लगा हुआ है।
इस संबंध में पुरातत्व विभाग के सहायक सर्वेक्षण अभिषेक सिंह ने बताया कि संरक्षित क्षेत्र में निर्माण कार्य होते ही रोकने के आदेश दिए जाते हैं। निर्माण कार्य को नहीं रोकने पर पुरातत्व विभाग की ओर से नोटिस जारी जाता है। निर्माण की प्रति संबंधित थाने के साथ ही झांसी विकास प्राधिकरण को भेजी जाती है।