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चुनाव में डिपो की हो रही आमदनी, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

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झांसी। चुनाव में रोडवेज बसों की ड्यूटी का भी अपना अर्थशास्त्र है। इसमें आम जनता की जेब तो मनमाने तरीके से कटती है। वहीं, इससे आम लोग बहुत परेशान हैं। चुनाव में जिस डिपो से जितनी बसें जाती हैं। उसकी उतनी ही कमाई होती है।
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प्रतिदिन के हिसाब से रोडवेज बसों को 24 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है। जबकि आम दिनों में रोडवेज बसों से होने वाली कमाई आधी भी नहीं होती है। कमाई के चक्कर में रोडवेज के अधिकारी मांग के मुताबिक भरपूर बसें भेजने को हर समय तैयार रहते हैं। उन्हें आम लोगों को होने वाली समस्या से कोई लेना देना नहीं होता है।
दरअसल चुनाव आयोग एक बस के लिए डिपो को प्रतिदिन 24 हजार रुपये का भुगतान करता है। अब जिसकी जितनी बसें जाती हैं, उस डिपो की उतनी कमाई बढ़ती है। वहीं, रोडवेज से प्राप्त सूत्रों के मुताबिक आम दिनों में एक बस से औसतन सात से 10 हजार रुपये की ही कमाई होती है। झांसी डिपो से लगभग 50 बसें भेजी जा चुकी हैं। मांग के अनुसार अभी 20 बसें और भेजी जानी हैं। इस तरह से औसतन विभाग को एक करोड़ 20 लाख की कमाई हो रही है। एआरएम प्रियम श्रीवास्तव ने बताया कि इन दिनों आमदनी बढ़ी है।
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यात्रियों की सुविधा के लिए लगाई गई अन्य प्रदेश की बसें
यात्रियों की भीड़ को देखते हुए मध्य प्रदेश परिवहन विभाग की 20 बसें लगाईं गईं थी। लेकिन, सहालग के चलते यह बसें भी खचाखच भरी रहीं। जिससे यात्रियों को बहुत परेशानी हुई। कई यात्रियों ने जान जोखिम में डालकर बस की छतों पर बैठकर यात्रा करनी पड़ी।
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