झांसी। कोरोना वायरस का प्रकोप अभी थमा भी नहीं है कि डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। मानसूनी सीजन में ही इन बीमारियों के मच्छर पनपते हैं। मौजूदा समय में तो मलेरिया के केस भी सामने आने लगे हैं। मलेरिया विभाग की टीम ने लार्वा साइट का छिड़काव शुरू कर दिया है।
पिछले साल 85398 स्लाइड की जांच की गई थी, जिसमें 152 मामले मलेरिया और 63 केस डेंगू के सामने आए थे। इस साल जनवरी से जुलाई तक 20703 स्लाइड का परीक्षण किया गया है, जिसमें 31 केस मलेरिया के सामने आ चुके हैं। जबकि, डेंगू का कोई भी नहीं है। इसमें जुलाई में 875 स्लाइड बनाई गई, जिसमें बामौर में मलेरिया का एक केस मिला। मंगलवार को नई बस्ती में जांच के दौरान मलेरिया का लार्वा मिला था, तो बुधवार को खुशीपुरा में मिल गया। जिला मलेरिया अधिकारी आरके गुप्ता ने बताया कि दोनों ही स्थानों पर लार्वा साइट का छिड़काव करा दिया गया है।
यें है डेंगू के लक्षण
- तेज सिर दर्द व बुखार होना।
- मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द।
- जी मिचलाना और उल्टी होना।
- गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मंसूड़ों से खून आना।
- शरीर पर लाल दाने और चकत्ते पड़ना।
मलेरिया के लक्षण
- सर्दी के साथ एक दिन छोड़कर बुखार आना।
- उल्टी और सिरदर्द होना।
- बुखार उतरने के बाद पसीना निकलना।
- कमजोरी महसूस होना।
ये ध्यान रखें
- सभी मच्छर साफ पानी में अंडे देते हैं। रुके पानी के स्थान को भर दें।
- कूलर, टंकियों में डेंगू का मच्छर पनप सकता है, इन्हें ढककर रखें।
- डेंगू का मच्छर दिन में काटता है, ऐसे में पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
- घर और छतों पर पड़े अनावश्यक पात्रों को हटा या नष्ट कर दें।
- कुओं, हैंडपंपों और नाली के पास पानी को न जमा होने दें।
- यदि डेंगू, मलेरिया के लक्षण नजर आते हैं तो उपचार में देरी न करें।