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शिवपुरी तक आ गया डेल्टा प्लस वेरिएंट, सतर्क रहें, कभी भी झांसी में हो सकती है दस्तक

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झांसी। दूसरी लहर में झांसी समेत देश भर में तबाही मचाने वाला कोरोना का डेल्टा वेरिएंट का म्यूटेशन हो गया है। ऐसे में अब कोरोना के नए डेल्टा प्लस वेरिएंट ने देश के कई राज्यों में मरीजों को संक्रमित कर दिया है। बड़ी बात ये है कि झांसी से महज सौ किलोमीटर दूर शिवपुरी में भी इसकी दस्तक हो गई है। ऐसे में कभी भी झांसी में यह हमला बोल सकता है। ये तेजी से लोगों में न सिर्फ संक्रमण का प्रसार करता है, बल्कि इसकी मृत्युदर भी ज्यादा है।
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भारत में कोविड की पहली लहर के दौरान वुहान वेरिएंट था। इससे ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाया मगर दूसरी लहर में डेल्टा वेरिएंट आते ही देश भर में हाहाकार मच गया। झांसी में स्वास्थ्य संसाधन बौने साबित हो गए। कई दिनों तक श्मशान घाटों में दिन-रात चिताएं सुलगती रहीं। कुछ दिनों से कोरोना की रफ्तार बिल्कुल मंद पड़ गई है। ऐसे में लोगों ने राहत की सांस ली ही थी कि अब डेल्टा प्लस वेरिएंट ने खतरे की घंटी बजा दी है। झांसी से महज सौ किलोमीटर दूर शिवपुरी में डेल्टा प्लस वेरिएंट के चार मामले सामने आए हैं। दो-तीन मरीजों की मौत भी हो गई है। इस लिहाज से झांसी में कभी भी कोरोना के इस नए वेरिएंट की दस्तक हो सकती है। ये दूसरी लहर में मिले डेल्टा वेरिएंट से ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है। इसमें संक्रमण से लेकर मृत्युदर तक ज्यादा है।
कोविड प्रोटोकॉल अपनाएं, भर्ती होने में न करें देरी
कोरोना की मंद पड़ चुकी रफ्तार के चलते यदि लोगों ने कोविड प्रोटोकॉल (मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग आदि) का पालन करना बंद कर दिया है तो ये गलती आप पर भारी पड़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मास्क ही कोविड से बचाने में बहुत कारगर है। इसके अलावा सभी पात्र लोग वैक्सीन जरूर लगवाएं। वहीं, कोरोना संक्रमित होने पर थोड़ी सी दिक्कत लगती है तो तुरंत अस्पताल में भर्ती हो जाएं।
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ये कह चुका केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि भारतीय सार्स कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) ने सूचना दी थी कि डेल्टा प्लस वेरिएंट ’वर्तमान में चिंताजनक वेरिएंट (वीओसी)’ है। इसमें तेजी से प्रसार, फेफड़े की कोशिकाओं के रिसेप्टर से मजबूती से चिपकने और मोनोक्लोनल एंटीबॉडी प्रतिक्रिया में संभावित कमी जैसी विशेषताएं हैं।
शिवपुरी में डेल्टा प्लस वेरिएंट की दस्तक हो चुकी है। यह वेरिएंट कोरोना की दूसरी लहर में मिले डेल्टा की तुलना में ज्यादा खतरनाक है। डेल्टा प्लस वेरिएंट की संक्रमण दर और मृत्युदर ज्यादा है। इसलिए लोग कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन करें। - डॉ. अंशुल जैन, नोडल अधिकारी, कोविड, मेडिकल कॉलेज।
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