संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बिजली ढांचे को सुधारने के लिए लाई गई रिवैम्प योजना का कार्य निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद भी अधूरा है। नवंबर-2024 में इसे पूर्ण होना था ताकि गर्मी में लोगों को बेहतर आपूर्ति मिले लेकिन मार्च बीतने वाला है। ऐसे में कार्य 90 फीसदी ही पूरा हुआ है। ऐसे में करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी उपभोक्ताओं को लाभ मिलता नहीं दिख रहा है। बुधवार को तापमान बढ़ने से बड़े-बड़े ट्रांसफार्मर भी हांफने लगे। नतीजा यह हुआ कि 132 केवी हंसारी बिजली घर से जुड़े फीडरों पर ट्रिपिंग हुई और शहर के कई इलाकों में कटौती से लोगों को परेशान होना पड़ा।
होली का त्योहार खत्म होने के बाद मौसम ने अपने तल्ख तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। तापमान भी 40 डिग्री के आसपास नजर आ रहा है। इसका असर बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा है। जिले में 10 से 15 सब स्टेशनों से प्रतिदिन तीन से चार घंटे तक कटौती हो रही है। उपभोक्ता परेशान हैं। बिजली कार्यालयों में शिकायतों की सुनवाई करने की जगह कर्मचारी हेल्पलाइन नंबर बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। वहीं, जिम्मेदार लगातार पेड़ों की छटाई, सब स्टेशनों की मरम्मत और आरडीएसएस (पुनर्निर्मित वितरण क्षेत्र योजना) के तहत हो रहे कार्याें का हवाला देकर कटौती को शट-डाउन बताने में जुटे हैं।
बॉक्स में
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजलीघरों पर भी लोड बढ़ गया है। खपत में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जनवरी-फरवरी में 138-135 मिलियन यूनिट के आसपास होने वाली खपत मार्च में बढ़कर 148.932 मिलियन यूनिट पहुंच गई है। यह खपत पिछले माह की अपेक्षा 14.139 मिलियन यूनिट अधिक है। इसका असर यह है कि बिजलीघरों पर कटौती शुरू हो गई है। बार-बार ट्रिपिंग के साथ लाइनों पर तार जलने और ट्रांसफार्मर खराब होने की भी घटनाएं सामने आ रही हैं। तापमान बढ़ने का असर न केवल उपकेंद्रों पर बल्कि 132 और 220 केवी वाले बिजली घरों पर भी देखा जा रहा है।
यह हुई खपत में बढ़ोत्तरी
डिवीजन जनवरी फरवरी मार्च (अब तक)
विद्युत नगरीय वितरण खंड प्रथम 24.259 18.944 22.101
विद्युत नगरीय वितरण खंड द्वितीय 23.391 19.201 21.902
विद्युत वितरण खंड ग्रामीण 35.766 44.016 49.073
विद्युत वितरण खंड मऊरानीपुर 55.483 52.632 55.856
कुल 138.899 134.793 148.932
(खपत का आकलन मिलियन यूनिट में)
बिजली चोरी वाले मोहल्लों में चलेगा अभियान
बिजली चोरी रोकने के लिए विभाग ने अत्यधिक लाइनलॉस वाले क्षेत्रों को चिह्नित किया है। यहां विजिलेंस की टीम कार्रवाई करेगी। इस दौरान ऐसे लोगों पर खास नजर रहेगी, जो पूर्व में भी बिजली चोरी के मामले में पकड़े जा चुके हैं। इन पर टीम 24 घंटे निगरानी करेगी।
वर्जन
आरडीएसएस के तहत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की योजना तय की गई है। कंपनी की ओर से 90 फीसदी कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष जल्द पूर्ण किया जाएगा। सुधार के लिए अन्य योजनाओं में कार्य कराए गए हैं। गर्मी बढ़ने से लोड बढ़ा है और बिजली की खपत भी बढ़ गई है। - ऐनुल होदा, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल ग्रामीण, झांसी