झांसी। नोटबंदी के बाद रसातल में चला गया संपत्ति की खरीद - फरोख्त का कारोबार अब उबरने लगा है। पिछले साल की तुलना में इस साल ज्यादा रजिस्ट्रियां हुईं हैं। निबंधन विभाग को सबसे ज्यादा फायदा डिफेंस कॉरिडोर से हुआ है। कॉरिडोर के लिए हुई रजिस्ट्रियों से विभाग को सत्रह करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व हासिल हुआ है।
आठ नवंबर 2016 को अचानक हुई नोटबंदी की घोषणा से रियल एस्टेट कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हो गया था। संपत्ति की खरीद - फरोख्त से लोगों ने पैर पीछे खींच लिए थे। खासतौर पर निवेशक नदारद हो गए थे। लेकिन, अब ये कारोबार उबरने लगा है। इसका अंदाजा जिले में पिछले दो सालों के दरम्यान हुईं रजिस्ट्रियों को देखकर लगाया जा सकता है। साल 2018 में अप्रैल से दिसंबर माह के बीच जिले में 18,112 रजिस्ट्रियां हुईं थीं। इससे निबंधन विभाग को एक अरब पैंतीस करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी मिली थी, जबकि 2019 में उक्त अवधि में 20,748 रजिस्ट्रियां हुईं और विभाग को एक अरब चौवन करोड़ रुपये का राजस्व हासिल हुआ।
इस बढ़ोत्तरी में सबसे ज्यादा योगदान डिफेंस कॉरिडोर का रहा है। कॉरिडोर के लिए उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा लगातार जमीन की खरीद की जा रही है। पिछले साल यूपीडा ने 953 रजिस्ट्रियां कराईं, जिससे विभाग को 17 करोड़ रुपये की अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी मिली।
रियल एस्टेट कारोबार में उछाल देखने को मिल रहा है। इससे विभाग के राजस्व में भी बढ़ोत्तरी हुई है। साथ ही डिफेंस कॉरिडोर के लिए खरीदी जाने वाली जमीनों से भी विभाग को अतिरिक्त राजस्व हासिल हुआ है।
- एके पासवान, सहायक महानिरीक्षक निबंधन