बुधवार को बालीवुड कलाकारों ने आईजीसीएल के समापन अवसर पर मनमोहक गीत
सुनाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। श्रोता मस्ती में आकर कलाकारों
के गीतों पर थिरकने लगे। यह क्रम लगभग चालीस मिनट तक चला। बीच - बीच में
तालियों की गड़गड़ाहट से इंस्टीट्यूट परिसर गूंजता रहा।
सीनियर रेलवे
इंस्टीट्यूट ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में बालीवुड कलाकार महालक्ष्मी
अय्यर ने दीवानों को अब तक नहीं है ये पता, आज की रात खोना है क्या पाना है
क्या गीत सुनाकर श्रोताओं को मस्त कर दिया। महालक्ष्मी के साथ श्रोताओं
ने भी गीत को गुनगुनाना शुरू कर दिया। वहीं, मन्नत शेख ने ओ राधा तेरी
चुनरी ओ राधा तेरा छल्ला, ओ तेरी नटखट नजरिया, ओ राधा तेरा झुमका, राधा
तेरा ठुमका पीछे- पीछे सारी बजरिया गीत सुनाकर लोगों के दिलों में हलचल मचा
दी। इसके अलावा चिटियां कलाइयां रे सुनाकर वाहवाही लूटी। तोषी सांवरा ने
दिल रो रहा इलाही, तू आजा मेरे माही, कभी जो बादल बरसे मैं देखू तुझे आंखें
भर के की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इधर, तोषी
रैना ने रे कबीरा मान जा आ जा तुझको पुकारे मेरी परछाइयां और गल मीठी मीठी
बोल गीत सुनाकर श्रोताओं को तालियां बजाने को मजबूर कर दिया। फिल्म विकी
डोनर से मशहूर हुए बालीवुड स्टार व सिंगर आयुष्मान खुराना ने माहिया न आया
मेरा माहिया न आया ने श्रोताओं में दिल में प्यार की तड़प जगा दी। कलाकारों
के गीतों की बयार सावन की झड़ी की तरह श्रोताओं पर बरसती रही।