झांसी। कुख्यात लेखराज सिंह यादव को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने की कोशिश के मामले में जेल में बंद सपा के पूर्व गरौठा विधायक दीपनारायण सिंह यादव की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद अब पूर्व विधायक की संपत्ति की पड़ताल शुरू कर दी गई है। इनसे जुड़े 15 लोगों की भी संपत्ति की जांच होगी।
आय से 23 करोड़ रुपये का व्यय अधिक पाए जाने पर 30 जुलाई को विजिलेंस ने पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद उनके खिलाफ कुख्यात लेखराज सिंह यादव को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने का मामला दर्ज हुआ। इस मामले में वे 26 सितंबर से जेल में बंद हैं। इसी बीच ईडी की प्रयागराज यूनिट में भी दीपनारायण के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया। इस मामले में ईडी की ओर से पूर्व विधायक को समन भी जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही उनकी संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगाला जाने लगा है। तहसीलों के अलावा नगर निगम व जिले के अन्य निकायों में उनके नाम से दर्ज संपत्तियों को चिह्नित किया जा रहा है।
बता दें कि पूर्व में हुई पड़ताल में दीपनारायण की आय 14.30 करोड़ पाई गई थी, जबकि व्यय 37.32 करोड़ का सामने आया था। आय से 23.02 करोड़ का व्यय अधिक पाए जाने पर उनके खिलाफ विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज किया था। इसी का आधार बनाते हुए हाल ही में ईडी ने मामला दर्ज किया है।