आज आम आदमी की सबसे बड़ी वित्तीय समस्या कम कमाई नहीं, बल्कि ज़रूरत से ज़्यादा खर्च है। एक मध्यमवर्गीय परिवार की औसत मासिक आय पंद्रह से तीस हजार के बीच रहती है, जिसमें करीब साठ से सत्तर प्रतिशत ईएमआई और घरेलू खर्च में ही चली जाती है। खर्च का सबसे बड़ा कारण है दूसरों को देखकर खर्च करने की आदत। झांसी के सीए रचित अग्रवाल बताते है कि महंगा मोबाइल, ब्रांडेड कपड़े, गाड़ी यह सब जरूरत नहीं बल्कि सोशल प्रेशर बन चुका है। भारत में आज 10 करोड़ से ज़्यादा क्रेडिट कार्ड चल रहे हैं और हर साल इसमें 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही है।
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छोटे बदलाव से होगी बड़ी बचत
65 प्रतिशत लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल जरूरत से ज़्यादा खर्च के लिए करते हैं। हर दूसरा व्यक्ति किसी न किसी ईएमआई में फंसा है। कर्जा बढ़ने या वित्तीय समस्या की वजह कम आय नहीं है बल्कि अपनी आय के हिसाब से अपने खर्चोे को संतुलित नहीं कर पाना है। मुख्य वजह है कई सारे अनावश्यक खर्च और भविष्य की कोई ठोस योजना न होना। छोटे-छोटे बदलाव से बड़ी बचत की जा सकती है।