झांसी। उरई जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे वृद्ध कैदी की महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
जालौन जिले के कालपी निवासी ध्यानी (100) पिछले तीन साल से उरई की जेल में निरुद्ध था। वह 1986 में उरई में हुए हत्याकांड का आरोपी थी। इस मामले में उसे जमानत मिल गई थी। लेकिन, तीन साल पहले हाईकोर्ट से सजा मिलने पर उसे जेल भेज दिया गया था। वह आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। वृद्धावस्था की वजह से उसे सांस की बीमारी हो गई थी और अन्य बीमारियां भी घेरे हुईं थीं। दो दिन पहले उसकी उरई जेल में हालत बिगड़ गई। इलाज के लिए उसे महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। यहां सोमवार रात बारह बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।