अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में एक और नवजात की मौत हो गई है। नवजात शिशु गहन चिकित्सा केंद्र (एसएनसीयू) में अग्निकांड के बाद बचाया गया यह अंतिम नवजात था, जो मेडिकल कॉलेज में भर्ती था। अब मरने वालों की संख्या 18 हो गई है।
झांसी की राजपूत कॉलोनी निवासी सुरक्षा के नवजात को 26 अक्तूबर को मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में भर्ती किया गया था। 15 नवंबर को वार्ड में आग लगने की घटना के बाद नवजात को बचाकर दूसरी जगह भर्ती किया गया था। अभी पीआईसीयू में बनाए गए नए एसएनसीयू में नवजात का इलाज किया जा रहा था। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि शिशु हार्ट फेल्योर, खून की कमी और कम वजन के चलते भर्ती किया गया था। वह वेंटिलेटर पर भर्ती था। सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
दो का निजी अस्पताल में चल रहा इलाज
घटना के दिन एसएनसीयू में 49 नवजात भर्ती थे। स्वस्थ होने पर अब तक 28 की छुट्टी की जा चुकी है। दो का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। एक शिशु को रविवार को केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया गया था। घटना के दिन ही 10 नवजातों की जान चली गई थी। फिर एक-एक कर आठ बच्चों की और मौत हो गई।
जांच रिपोर्ट का इंतजार, कई बिंदुओं पर मांगे गए जवाब
अग्निकांड की घटना के बाद शासन की ओर से गठित समिति की जांच रिपोर्ट का सभी को इंतजार है। इस घटना के बाद कई लोगों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। कॉलेज प्रशासन से भी कई बिंदुओं पर जवाब मांगे गए हैं।