संवाद न्यूज एजेसी
झांसी। सड़क हादसे में मौत के ढाई साल गुजरने के बाद भी कार मालिक चालक को बीमा कंपनी ने क्लेम राशि नहीं दी। उपभोक्ता संरक्षण प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया गया था। इस मामले में आयोग ने चोला मंडलम बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह मय ब्याज के 15 लाख रुपये अदा करें।
झांसी के टोरियापुरा निवासी नीलम यादव ने उपभोक्ता संरक्षण प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया था। इसमें उल्लेख किया गया कि पति राजेश यादव ने चोला मंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंश कंपनी में कार का बीमा 21 अक्तूबर 2022 से 20 अक्तूबर 2023 तक कराया था। इस दौरान हर किस्त भी जमा की थी। 24 अप्रैल 2023 को राजेश की पन्ना जाते समय रास्ते में कार और ट्रैक्टर की टक्कर में मौत हो गई।
उसके साथ में कार में बैठा राहुल घायल हो गया था। हादसे में मौत की सूचना कंपनी को वक्त पर दे दी गई थी। मामले की प्राथमिकी नौगांव थाने में दर्ज की गई थी। कंपनी ने सर्वे कराया।
इसमें पाया गया था कि कार सौ फीसदी क्षतिग्रस्त हो गई। बताया गया कि कार की मरम्मत में पांच लाख रुपये से ज्यादा खर्च हो गए जबकि कार की कीमत चार लाख 67 हजार रुपये थी। पीड़िता ने कंपनी से क्लेम की मांग की लेकिन उसे क्लेम की राशि 15 लाख रुपये नहीं दिए गए। पीड़िता ने मय ब्याज के बीमा राशि और मानसिक कष्ट के रूप में दो लाख रुपये और वाद व्यय के रूप में 50 हजार रुपये दिलाने की मांग की थी।