झांसी। सत्यापन में लाभार्थियों के मृत होने की पुष्टि होने के बाद भी शासन उन्हें वृद्धावस्था पेंशन देता रहा। पेंशन की एक नहीं दो किस्तें लाभार्थियों को दी गईं। इस लापरवाही से मृतकों के खाते में 15,12,000 रुपये पहुंच गए हैं। अब जाकर चेते शासन ने पेंशन पर रोक लगाई है।
जनपद में वृद्धावस्था पेंशन के 61,541 लाभार्थी हैं। इनको तीन सौ रुपये प्रतिमाह की दर से हर तीन माह में नौ सौ रुपये की किस्त दी जाती है। यह किस्त मार्च, जून, सितंबर व दिसंबर माह में लाभार्थियों के खाते में भेजी जाती है। शासन ने मई माह में वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों का सत्यापन कराया था।
सत्यापन में जिले में 840 लाभार्थी ऐसे पाए गए, जिनकी मृत्यु हो गई थी। सत्यापन के बाद मृत लाभार्थियों की सूची समाज कल्याण विभाग ने शासन को भेज दी थी। नियमानुसार इन लाभार्थियों की पेंशन रोक देनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
शासन ने जून व सितंबर माह की पेंशन की किस्त अन्य लाभार्थियों के साथ मृतकों के खातों में भी भेज दी। 900-900 रुपये की दो किस्तें मृत 840 लाभार्थियों के खातों में भेजी गईं। इस तरह पंद्रह लाख बारह हजार रुपये मृत लाभार्थियों के खातों में पहुंच गए हैं। दिसंबर माह में चेती सरकार ने सभी मृत लाभार्थियों के खातों को सील कर उनकी पेंशन पर रोक लगा दी है।