नगरा के गणेश पुरा निवासी ओम प्रकाश तिवारी (59) पुत्र कुंजलाल तिवारी रेलवे वर्कशॉप में सीनियर टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थे। कुछ समय बाद ही उनका रिटायरमेंट है। उनके दामाद अजय मिश्रा के मुताबिक गुरुवार शाम करीब चार बजे ओमप्रकाश ड्यूटी जाने की बात कहकर घर से निकले थे। रोजाना रात 12 से एक बजे के बीच घर लौट आते थे, लेकिन कल रात वह समय पर नहीं लौटे। जब उनको फोन मिलाया गया, तब फोन स्विच ऑफ था। घबरा कर परिजनों ने ओमप्रकाश की तलाश शुरू की। कई जगह तलाश करने के बाद भी उनका पता नहीं चला।
शुक्रवार सुबह प्रेमनगर पुलिस ने फोन करके ओम प्रकाश का शव एसी लोको शेड के पास पड़ा होने की बात बताई। परिजन मौके पर पहुंचे तब उनकी सिर कटी लाश पड़ी हुई थी। धड़ पटरी के दूसरी ओर पड़ा था। दामाद का कहना है शरीर में चोट के निशान नहीं थे। उन्होंने हत्या की आशंका जताई। वहीं, प्रेमनगर इंस्पेक्टर आनंद सिंह का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराने पर उसमें ट्रेन से आई चोट के निशान मिले हैं। पूछताछ में भी आत्महत्या की बात उजागर हुई है।
दस माह बाद था रिटायरमेंट
परिजनों के मुताबिक ओम प्रकाश का पिछले वर्ष ही प्रमोशन हुआ था। प्रमोशन से वह काफी खुश थे। उनका किसी से विवाद भी नहीं था। परिजन आत्महत्या की आशंका से इनकार कर रहे हैं। दिसंबर माह में ही उनका रिटायरमेंट भी था। परिवार में बेटी एवं बेटा अरविंद 25 है। अरविंद आईटीआई पास कर चुका है।