झांसी। बरुआसागर के सिनौनिया फाटक निवासी संतोष सेन के बेटे का शव बरुआसागर तालाब में मिला। किशोर शनिवार की शाम को घर से बिना बताए चला गया था। उसने मोबाइल पर ‘मैं मरने जा रहा हूं, इसके लिए कोई दूसरा जिम्मेदार नहीं है, परिजनों को परेशान न किया जाए’ मैसेज भेजने के दूसरे दिन शव तालाब से मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
संतोष सेन बाल कटिंग का काम करते हैं। उनके चार पुत्र हैं। तीसरे नंबर का कार्तिक उर्फ कुच्चन (17) पढ़ाई करता था। शनिवार की शाम चार बजे वह घर से बिना बताए चला गया। थोड़ी देर में बाद उसके दोस्तों ने परिजनों जानकारी दी कि कार्तिक ने मोबाइल पर ‘मैं मरने जा रहा हूं’ का मैसेज डाला है। परिजनों ने जब अपना मोबाइल चेक किया तो उस पर भी वह मैसेज पड़ा था। इस बात को लेकर परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। देर रात तक जब उसका कोई पता नहीं चला को सूचना पुलिस को दी गई। रविवार की सुबह झरना स्थित तालाब के पास सफाई कर्मचारी काम कर रहे थे तो उनको एक पट्टी पर मोबाइल व चप्पल रखे दिखे। किसी अनहोनी को जानकर उन्होंने सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस व उक्त परिवार के सदस्य मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने कार्तिक के मोबाइल व चप्पल की पहचान कर ली। बाद में गोताखोरों को पानी में उतारा गया। कुछ देर में ही गोताखोरों ने कार्तिक के शव को बरामद कर लिया। मौके पर भीड़ लग गई।