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दद्दा के शहर में साई सेंटर पर ताला

Sun, 28 Aug 2016 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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sai, jhansi news - फोटो : amar ujala, jhansi news
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झांसी। जहां एक ओर देश भर में 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर दद्दा ध्यानचंद का जन्मदिवस खेल दिवस के रूप में मनाने की तैयारी है, वहीं, उनकी कर्मभूमि झांसी में खेलों का बुरा हाल है। इसका अंदाजा स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) के झांसी सेंटर को देखकर लगाया जा सकता है, जिसके दफ्तर में अब ताला लटक गया है। इस सेंटर की 2001 में यहां स्थापना हुई थी। अब स्थिति यह है कि साई के एकमात्र बचे कर्मचारी का भी स्थानांतरण हो गया है।
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मेजर ध्यानचंद की खेल विरासत आगे बढ़ाने के लिए ध्यानचंद स्टेडियम में साई के सेंटर की स्थापना हुई थी। शुरुआती दौर में सेंटर में हॉकी, कबड्डी व जिम्नास्टिक के कोचों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा हॉकी के लिए डे-बोर्डिंग स्कीम शुरू की गई थी, जिसमें नवोदित खिलाड़ियों को स्टाइपेंड व किट भी मुहैया कराई जाती थी। इससे खेल गतिविधियों ने एकदम से तेजी पकड़ी थी, लेकिन धीरे-धीरे साई सेंटर को नजरअंदाज किया जाने लगा। यहां तैनात कोच व कर्मचारियों की रवानगी होती गई और नया कोई मिला नहीं।

पिछले कुछ वर्षों से सेंटर का जैसे-तैसे संचालन एक कर्मचारी (सेंटर इंचार्ज) द्वारा किया जा रहा था। लेकिन, दो माह पूर्व उनकी तैनाती नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में कर दी गई। जबकि, उनके स्थान पर किसी दूसरे को भेजा नहीं गया। ऐेसे में यहां साई की गतिविधियां पूरी तरह से ठप पड़ गई हैं। सेंटर पर अब ताला लटका नजर आता है। मेजर ध्यानचंद के शहर में साई सेंटर का यह हाल खेल जगत के लिए निराशाजनक है। 
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‘मेरा स्थानांतरण इंदिरा गांधी स्टेडियम दिल्ली के लिए कर दिया गया है। झांसी सेंटर के लिए अभी किसी दूसरे को भेजा नहीं गया है। ऐसे में अभी यहां का चार्ज भी मेरे पास है। नये कोच व कर्मचारी कब आएंगे, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।’ 
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- अनिल कुमार रावत, सेंटर इंचार्ज /कोच
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