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डीबीएम कंपनी के निदेशक को नहीं मिली जमानत

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झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार न्यायालय संख्या एक की अदालत में षड्यंत्र कर 54 लाख रुपये हड़पने वाले गुुरुग्राम की मेसर्स डीबीएस रिटले प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक की अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मृदुलकांत श्रीवास्तव के अनुसार विगत सात अगस्त 2020 को शारदा हिल्स कॉलोनी निवासी सौरभ साहू ने सीपरी बाजार थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि नौ नवंबर 2019 को गुरुग्राम (गुड़गांव) की एक कंपनी मेसर्स डीबीएम रिटेल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के लोगों ने मुझसे व मेरी फर्म के अन्य पदाधिकारियों के साथ फोन, ई मेल व व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया। मेरे ऑफिस पर आकर मीटिंग कर डीबीएम कंपनी की रिटेल चेन (मॉल) खोलने का ऑफर दिया, जिसमें बिग मार्ट खोलने के लिए फ्रन्चाइजी देने की बात कही और कहा कि हमारी नोएडा, गुडगांव व अन्य शहरों में फ्रेंचाइजी हैं। 10 दिसंबर 2019 को कंपनी के डायरेक्टर संजय सतपथी ने दूसरे डायरेक्टर हरीश कुमार शर्मा, मुख्य डायरेक्टर रिषपाल सिंह ने षड़यंत्र कर बिग मार्ट स्टोर खोलने की फ्रेंचाइजी लेने के लिए एक ड्राफ्ट प्रपोजल दिया। अलग- अलग तिथियों में 54 लाख रुपये फ्रेंचाइजी फीस जमा करवा ली। इस बीच मार्ट खोलने के लिए नंदनपुरा की एक बिल्डिंग को किराए पर लेने का एग्रीमेंट भी कर लिया। कंपनी वालों ने जगह भी देख ली। किराया भी दिला दिया। जब जुलाई 2020 में कंपनी के डायरेक्टर से बात की तो गाली गलौज कर अपहरण कराने की धमकी दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने निदेशक संजय सतपथी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बुधवार को न्यायालय ने उक्त अभियुक्त की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
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