बेटी ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि
झांसी। पिता की मौत के बाद एक बेटी ने बेटे का फर्ज अदा करते हुए चिता को मुखाग्नि दी। हालांकि, अंतिम क्रिया के दौरान इस कर्म को पूरा करने के लिए कई रिश्तेदार आगे आए, परंतु बेटी ने आगे बढ़कर ये काम खुद किया।
सीपरी बाजार मसीहागंज छोटी माता मंदिर के पास निवासी पं. गोपाल चंद्र शर्मा एक मंदिर के पुजारी थे। इसके अलावा वे धार्मिक कर्मकांड कराकर अपने परिवार का जीवन यापन करते थे। रविवार की दोपहर वे एक जगह से कथा कराकर लौटे। अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता उनकी मौत हो गई। जानकारी होने पर पड़ोसी और रिश्तेदार उनके घर पहुंच गए और अंतिम संस्कार की तैयारी की जाने लगी। चूंकि, पं. गोपाल चंद्र शर्मा के एक मात्र संतान पुत्री है। ऐसे में लोगों में अंतिम क्रिया कौन करेगा, इसे लेकर चर्चा होेने लगी। हालांकि, कई रिश्तेदार इसके लिए खुद से आगे आ गए, लेकिन उनकी पुत्री बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ने वाली वैष्णवी ने कहा कि ये काम वो खुद करेगी। लोगों ने उसे रोका भी, परंतु वह नहीं मानी। वैष्णवी ने कहा कि उसके पिता ने उससे बहुत प्यार करते थे। उन्होंने कभी बेटे - बेटी में फर्क किया ही नहीं। ऐसे में वो इस अंतिम क्रिया को पूरी करेगी। बेटी की जिद के आगे सभी रिश्तेदार राजी हो गए। नंदनपुरा मुक्तिधाम पर वैष्णवी ने विधिपूर्वक अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। ये देखकर वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो उठीं।