जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सींचपाल अपने- अपने कार्यक्षेत्र में ही रहें तथा नहरों की टेल तक पानी पहुंच रहा है या नहीं, इसकी रोजाना रिपोर्ट दें। यदि नहर काटी जाती है या अन्य किसी तरह से पानी रोका जाता है तो दोषी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
गांधी सभागार में आयोजित किसान दिवस पर डीएम ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि ब्लाक स्तर पर किसान पारदर्शी योजना के अंतर्गत कैंप लगाकर किसानों के पंजीकरण कराएं। क्योंकि, बिना पंजीकरण किसानों को किसी भी योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। स्यावनी खुर्द गांव के किसान बानसिंह यादव ने कहा कि आसपास के बीस गांवों के किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिल रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने गांवों का मौके पर जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उजयान गांव के किसान राजपाल बुंदेला ने स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की।
भरोसा गांव के किसान जवाहर लाल राजपूत ने कहा कि किसानों की हजारों एकड़ जमीन बिना पलेवा के पड़ी है। पलेवा किए बिना बुआई संभव नहीं है। अत: गुरसराय मुख्य नहर से पानी पहुंचाया जाए। पंचमपुरा गांव के किसान गेंदालाल ने बताया कि मौजा बराटा में किसानों ने आसपास के सेक्टरों को मिलाकर खेत जोत लिया है। सेक्टर 495 और 497 मौके से गायब हैं। इसकी जांच कराई जाए। उन्हाेंने कब्जा धारकों को बेदखल करने की मांग की है। बरगढ़ गांव के किसान गुलाब सिंह ने कहा कि पहूंज मुख्य नहर तीन स्थानों पर कटी है, जिससे टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। क्षतिग्रस्त स्थानों को ठीक कराया जाए, ताकि टेल तक पानी पहुंच सके। बड़ागांव निवासी किसान सुनील रिछारिया ने कहा कि जलनिगम द्वारा छह महीने से ज्यादा समय पहले बोर किया था, लेकिन अभी तक खुला पड़ा है। बोर के आसपास आबादी है। यदि बोर बंद नहीं किया गया तो कभी भी दुर्घटना हो सकती है।
जिला कृषि अधिकारी डा. बीआर मौर्य ने चना, मटर और गेहूं के उन्नत बीजों के बारे में बताया तथा उनकी उपलब्धता व अनुदान के बारे में जानकारी दी। संचालन उप कृषि निदेशक डा. यूपी सिंह ने किया। इस मौके पर उपनिदेशक मंडी भगवान शरण, एसडीओ मोंठ बब्लू कुमार, राजेश यादव उपस्थित रहे।