झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या दो ओमवीर की अदालत ने दहेज हत्या का दोष सिद्ध होने पर पति को आजीवन कारावास की सुनाई है। अदालत ने 19 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र पांचाल के अनुसार महोबा जिले के थाना महोबकंठ निवासी हरिश्चंद्र ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपनी पुत्री गीता की शादी 26 मई 2013 को थाना लहचूरा निवासी बृजनंदन के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुरालीजन दहेज में बाइक व सोने की जंजीर की मांग कर रहे थे। इसी को लेकर गीता को प्रताड़ित कर रहे थे। कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बन सकी। 19 सितंबर 2013 को उनकी पुत्री गीता ने परेशान होकर जहर खा लिया था। इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, लेकिन 20 सितंबर को मौत हो गई थी।
वह शिकायत लेकर थाने गया था, जहां पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं थी। इसके बाद न्यायालय के आदेश के बाद ससुरालियों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने पति बृजनंदन के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान बुधवार को अदालत ने दहेज हत्या में दोषी पाते हुए पति बृजनंदन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 19 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक साल 10 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।