अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पेंशन बंद करने की धमकी देकर साइबर जालसाज बुजुर्ग पेंशनर्स को निशाना बना रहे हैं। पिछले कुछ महीने में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें बदमाशों ने पेंशनर्स के खाते से रकम उड़ा दी। ऐसे मामलों को देखते हुए पुलिस ने पेंशनर्स के लिए सावधान रहने की एडवायरी भी जारी की है।
सीपरी बाजार निवासी आरडी राजपूत के मुताबिक, 23 दिसंबर को अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए कहा कि अभी तक उनका जीवन प्रमाणपत्र जमा नहीं हुआ। उसी बैंक में उनका पेंशन खाता है। कॉलर ने धमकाते हुए कहा कि अगले माह से पेंशन बंद कर दी जाएगी। उन्होंने उसे बताया कि वह अपना प्रमाणपत्र पहले ही जमा कर चुके हैं।
जालसाज ने दोबारा से जमा कराने को कहते हुए उनको एक लिंक भेजा। लिंक क्लिक करते ही साइबर जालसाज ने मोबाइल फोन हैक कर लिया। कुछ ही देर में खाते से 65 हजार रुपये निकाल लिए। यह सिर्फ एक पेंशनर की बात नहीं बल्कि अपना शिकार बनाने को परिक्षेत्र के तमाम पेंशनरों को साइबर जालसाज इसी तरह फोन करते हैं। किसी का जीवन प्रमाणपत्र दाखिल करने के नाम पर रकम उड़ा दी तो किसी की पेंशन में एरियर जोड़ने का झांसा देकर खाता खाली कर दिया।
साइबर जालसाजों से बचा सकते हैं ये तरीके
केवाईसी कराने में सावधानी रखनी चाहिए। कोशिश करना चाहिए कि बैंक शाखा पहुंचकर ही यह कराया जाए।
साइबर बदमाशों के पास पेंशनधारकों का पूरा डेटा रहता है। नियुक्ति तारीख, सेवानिवृत्त का दिनांक, पीपीओ, आधार नंबर, ई-मेल, सेवानिवृत्त संबंधी जानकारी रहती है। ऐसे में वह इस डेटा के साथ कॉल करते हैं। फोन पर कोई इन सारी जानकारियों के साथ कॉल करे, तब भी उस पर जल्दी से यकीन नहीं करना चाहिए।
केवाईसी के लिए कोई लिंक नहीं होता है। ऐसे में कोई कॉल आने पर अपनी ओर से बैंक अधिकारी से संपर्क करना चाहिए।
किसी अनजान नंबर से आए लिंक को क्लिक नहीं करना चाहिए। कई दफा ऐसे लिंक से स्पैम फोल्डर होते हैं। इनके साथ चोरी-छिपे एप मोबाइल में इस्टाॅल हो जाता है। इसकी मदद से जालसाज खाते से रुपये निकाल लेते हैं। - ज्ञानेंद्र सिंह, साइबर सेल नोडल अधिकारी, एसपी सिटी