झांसी। एटीएम से यदि आप रुपये निकालने जा रहे हैं तो सतर्क रहें। बाहर व अंदर खड़ी भीड़ में साइबर अपराधी आसानी से शिकार बना सकते हैं। जो रुपये निकालते समय चालाकी से या तो पासवर्ड देख लेते हैं फिर बहाना बनाकर एटीएम कार्ड बदल देते हैं। अपराधियों ने महानगर के भीतर पांच दिन में छह लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं।
महानगर के अधिकांश एटीएम भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बने हैं। यहां साइबर अपराधी आम ग्राहक बनकर भीड़भाड़ वाले एटीएम पर रुपये निकालने पहुंचते हैं। एटीएम में प्रवेश करने से पहले वे इर्द - गिर्द खड़े होकर हर गतिविधि पर नजर रखते हैं। इसके बाद एटीएम ऑपरेट करते समय पासवर्ड देख लेते हैं और अंदर से बाहर आते समय धक्का देकर या फिर चालाकी से दूसरा एटीएम कार्ड बदलकर हाथ में थमा देते हैं। व्यक्ति के जाने के बाद दूसरेे एटीएम जाकर पर जाकर निकाल लेते हैं। निशाने पर बुजुर्ग व महिलाएं हैं, जो आसानी से इनके शिकार बन जाती हैं।
यें बरतें सावधानी
- मशीन के अंदर किसी अंजान आदमी के सामने पासवर्ड न डालें।
- यदि कोई मदद करने के लिए आगे आए तो सावधान हो जाएं।
- किसी को भी अपना कार्ड उसके हाथ में न दें और पासवर्ड न बताएं।
- मशीन से आपका ट्रांजक्शन पूरा हो जाने के बाद कैंसल बटन को दबा दें।
- ऐसे एटीएम से रुपये कभी नहीं निकालें, जहां पर गार्ड तैनात न हो।
लोेगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। एटीएम से रकम निकालते समय किसी को अंदर न आने दें। किसी भी प्रकार का संदिग्ध नजर आने पर तुरंत नजदीकी पुलिस को सूचना दें। साइबर क्त्रसइम टीम ऐसे मामलों की पड़ताल कर रही है। मंगलवार को ही तीन आरोपी जेल भेजे गए हैं।
राहुल श्रीवास्तव एसपी सिटी/नोडल अधिकारी साइबर क्त्रसइम टीम