झांसी। विद्युत विभाग की मनमानी से सरकारी विभाग भी अछूते नहीं है। इस बात की तस्दीक संभागीय मंडी कार्यालय में की जा सकती है। कार्यालय का पूरा बिल जमा होने के बाद भी बिजली काट दी गई है, जिससे शुक्रवार को यहां कामकाज बुरी तरह से प्रभावित रहा।
मंडी परिषद के कानपुर रोड स्थित संभागीय कार्यालय भवन में उप निदेशक प्रशासन व निर्माण के कार्यालय हैं। दोनों कार्यालयों का एक ही विद्युत कनेक्शन है, जिसका समय से बिल जमा किया जाता है। 24,346 रुपये का पिछला बिल 29 सितंबर को जमा किया गया था। कार्यालय का और कोई बिल बकाया भी नहीं है।
बावजूद, बुधवार व बृहस्पतिवार को सरकारी अवकाश के दिनों में कार्यालय की बिजली काट दी गई। इसकी जानकारी कर्मचारियों को शुक्रवार को कार्यालय खुलने पर हुई। बिजली न होने की वजह से कार्यालयों का कामकाज प्रभावित हो गया। जबकि, इन दिनों में खरीद-फरोख्त चरम पर होने चलते कार्यालयों में काम की अधिकता भी है। हद तो तब हो गई, जब सूचना देने के बाद भी बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन नहीं जोड़ा गया।
मंडी परिषद के उप निदेशक (प्रशासन) रविशंकर गुप्ता ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में शुक्रवार को बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता व एसडीओ को कई बार फोन किए, लेकिन उन्होंने नहीं उठाया। बगैर किसी सूचना के सरकारी कार्यालय की बिजली काटना बिजली विभाग का गैर जिम्मेदाराना रवैया है। उन्होंने बताया कि वह इसकी शिकायत जिलाधिकारी के अलावा बिजली विभाग के एमडी व प्रमुख सचिव से करेंगे।