झांसी। रेलवे मालगोदाम के पीछे सिक लाइन में खड़ी मालगाड़ी में करंट दौड़ने से सोमवार को बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बच गया। गनीमत रही कि करंट का अहसास होते ही कर्मचारी इधर-उधर कूद गए। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। इसी तरह काठ के पुल के निकट चालक द्वारा अचानक मालगाड़ी चला देने से चार कर्मचारी हादसे का शिकार होने से बच गए।
इन दिनों रेलवे यार्ड में स्थित सिक लाइन नंबर तीन व चार के बीच पाथवा बनाने का काम चल रहा है। सोमवार को ठेकेदार के मजदूरों को पाथवा बनाने के लिए गिट्टी डालनी थी, इस कारण वे जमीन साफ करने में लगे हुए थे। इस दौरान पाथवा के रास्ते में पड़ रहे वेल्डिंग बॉक्स प्लांट को हटाया जाना था। इस कारण एसएसई इलेक्ट्रिकल से करंट बंद करने की परमीशन मांग ली गई।
वहीं, लाइन नंबर तीन पर खड़ी वीडब्ल्यूटी (मिलेट्री स्पेशल मालगाड़ी) के मेंटेनेंस कार्य में सीएंडडब्ल्यू कर्मचारी लगे हुए थे। पूर्वाह्न करीब साढ़े ग्यारह बजे क्रेन से जब वेल्डिंग बॉक्स को उठाकर दूसरी तरफ रखा जा रहा था, तभी वह मालगाड़ी से स्पर्श कर गया। चूंकि, उस समय प्लांट बॉक्स में लगे तारों में करंट आ रहा था, इस कारण करंट मालगाड़ी में भी दौड़ गया। करंट का एहसास होते ही मालगाड़ी के अलग-अलग वैगनों पर काम कर रहे कर्मचारियों ने जमीन पर कूदना शुरू कर दिया। ठेकेदार के मजदूरों ने भी भागना शुरू कर दिया। गनीमत रही कि कोई करंट से हताहत नहीं हो सका। बाद में आनन- फानन में सिंक लाइन को बंद कराया गया। इधर, खबर लगने पर नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने कर्मचारियों से घटना की जानकारी ली।
इसी तरह, सोमवार को पूर्वाह्न करीब पौने बारह बजे गुड्स यार्ड में खड़ी दो मालगाड़ियों को जोड़ कर सागर की तरफ भेजने की तैयारी चल रही थी। सीएंडडब्ल्यू के चार कर्मचारी एक वैगन के नीचे पाइप जोड़ने में लगे हुए थे। इसी बीच अचानक चालक ने मालगाड़ी को आगे बढ़ा दिया। जैसे ही मालगाड़ी का झटका लगा, कर्मचारी घबराकर लाइन की दूसरी तरफ आ गए और शोर मचाकर चालक को चेताया। गलती का अहसास होते हुए चालक ने तुरंत गाड़ी को ब्रेक लगाकर खड़ा कर दिया।