झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने खरीफ के मौसम में मूंगफली लगाने की सलाह दी है। डॉ. अनिल कुमार राय और डॉ. योगेश्वर सिंह ने बताया कि बुंदेलखंड में मूंगफली की खेती का रकबा तेजी से बढ़ रह है। इसकी उत्पादकता बढ़ाकर अधिक लाभ लिया जा सकता है। मूंगफली की खेती के लिए कम जलभराव वाली, भुरभुरी दोमट एवं बलुई दोमट अथवा लाल मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है। भूमि की तैयारी के लिए पहले किसान मिट्टी पलटें इसके बाद में सामान्य कल्टीवेटर से दो जुताई करके मिट्टी को भुरभुरा होने के पश्चात पाटा लगाकर समतल कर लें। मूंगफली की गुच्छेदार किस्मों के लिए बीज की मात्रा 75-80 किग्रा. प्रति हेक्टेयर और फैलने वाली किस्मों के लिए 60-70 किग्रा प्रति हेक्टेयर पर्याप्त है। संवाद