झांसी। जिला प्रशासन की तरफ से झांसी में सीटी स्कैन की जांच करने पर अधिकतम दो हजार रुपये शुल्क लेने के आदेश की बृहस्पतिवार को हवा निकल गई। जांच केंद्रों पर मरीजों से तीन या चार हजार रुपये नहीं, बल्कि 4300 रुपये तक वसूले गए।
कोविड की जांच के लिए आरटीपीसीआर के साथ ही सीने का सीटी स्कैन भी कराया जा रहा है। जांच में हो रही मनमानी वसूली के लिए प्रशासन ने बुधवार को सख्त रुख अपनाया। डीएम की तरफ से स्पष्ट निर्देश दे दिए गए कि यदि कोई सीटी स्कैन का दो हजार रुपये से अधिक शुल्क लेगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश की अगले ही दिन बृहस्पतिवार को हवा निकल गई। निजी जांच सेंटरों ने सीटी स्कैन के तीन, साढ़े तीन या चार हजार रुपये नहीं, बल्कि 4300 रुपये तक वसूले। जब मरीजों ने कहा कि डीएम साहब ने आदेश किए हैं कि दो हजार रुपये से ज्यादा फीस नहीं लगेगी तो फिर इतने पैसे क्यों ले रहे हो। इस पर सेंटरों के कर्मचारियों ने कहा कि जांच करानी हो तो कराओ, वरना जाओ। मजबूरी में लोगों ने मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए जांच कराई और प्रशासन द्वारा तय की गई फीस से दोगुने से ज्यादा पैसे दिए।
ये बोले पीड़ित
केस-1
प्राणवीर सिंह अपनी रिश्तेदार सुशीला देवी का सीटी स्कैन कराने के लिए मेडिकल कॉलेज के पास स्थित एक निजी सेंटर पर गए। वहां उनसे जांच के नाम पर 4300 रुपये वसूले गए। उन्होंने कहा कि दो हजार रुपये लेने का प्रावधान डीएम ने किया है, तो कर्मचारियों ने कहा कि जांच करानी है तो कराओ, वरना भाग जाओ यहां से। मजबूरी में उन्होंने 4300 रुपये की रसीद कटाकर जांच कराई।
केस-2
ओरछा निवासी रामसेवक अपने रिश्तेदार रमाकांत पाठक की जांच कराने के लिए मेडिकल कॉलेज गेट नंबर एक के सामने स्थित एक सेंटर पर पहुंचे। उन्होंने 4300 रुपये की रसीद कटवाई। रामसेवक ने बताया कि उन्होंने कहा कि दो हजार रुपये सीटी स्कैन के तय हुए हैं, फिर इतना क्यों ले रहे हो। इस पर कर्मचारी ने कहा कि जो दो हजार रुपये में सीटी स्कैन कर रहा हो, उससे करवा लो। यहां पूरे 4300 रुपये लगेंगे।