सीटी स्कैन दुरुस्त, एमआरआई, डिजिटल एक्सरे मशीनें कल सुधरेंगी
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में बदहाल जांच व्यवस्था पटरी पर लौटने लगी है। एक सप्ताह से ज्यादा वक्त से खराब पड़ी हुई सीटी स्कैन मशीन दुरुस्त करा ली गई है। वहीं, डिजिटल एक्सरे और एमआरआई मशीन भी बुधवार तक सुधर जाएगी। इससे मरीजों को काफी सुविधा होगी।
मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में पिछले कुछ समय से सीटी स्कैन, एमआरआई और डिजिटल एक्सरे मशीन खराब पड़ी हुई थीं। इस कारण मरीज निजी केंद्रों पर जाकर ज्यादा पैसे खर्च कर जांच कराने को मजबूर थे। कॉलेज के अधिकारी कंपनियों से मशीनें सुधारने के लिए बात कर चुके थे मगर कंपनियों की तरफ से मशीनों की एएमसी (वार्षिक रखरखाव अनुबंध) के पैसे का भुगतान न होेने की बात कही गई थी। इस मामले को अमर उजाला ने 18 अगस्त के अपने अंक में प्रमुखता से उठाया। इसके बाद कॉलेज प्रशासन हरकत में आया। कॉलेज के अधिकारियों ने जांच शुरू की तो पता चला कि कंपनियों की गलती से ही एएमसी का भुगतान नहीं हो पाया है। निर्धारित समय में कंपनियों की तरफ से कागजात जमा नहीं किए गए। तारीख निकलने के बाद जब कागज जमा हुए तो बजट वापस चला गया था। कॉलेज के अधिकारियों ने इसकी जानकारी कंपनियों को दी। इसके बाद एक कंपनी ने सीटी स्कैन मशीन दुरुस्त कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरीशचंद्र आर्या ने बताया कि अब मरीज कॉलेज आकर सीटी स्कैन करवा सकते हैं। वहीं, खराब पड़ी एमआरआई और डिजिटल एक्सरे मशीन भी बुधवार तक दुरुस्त हो जाएंगी।
जांचों में है काफी अंतर
मेडिकल कॉलेज और निजी केंद्रों पर जांच कराने में काफी अंतर है। मेडिकल कॉलेज में डिजिटल एक्सरे 115, सीटी स्कैन 600 और एमआरआई 2000 रुपये में होती है। वहीं, निजी केंद्रों पर यह जांचें क्रमश: 300, 1600 और 4000 रुपये में होती हैं।
बीपीएल कार्डधारक सर्वाधिक परेशान
मेडिकल कॉलेज में जांच मशीनें खराब हो जाने से बीपीएल (गरीबी रेखा के नीचे) कार्डधारक सर्वाधिक परेशान होते हैं। सरकारी चिकित्सालय होने के कारण मेडिकल कॉलेज में इन मशीनों से नि:शुल्क जांच की जाती है।