संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बीते दिनों हुई ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश बबीना ब्लॉक के किसानों पर आफत बनकर टूटी है। इसमें हजारों किसान की फसलें प्रभावित हुई हैं। इन किसानों के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने झांसी जिले को दो करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। राजस्व विभाग के सर्वे में अभी तक बबीना ब्लॉक के 29 गांवों को चिह्नित किया है। वहीं, अन्य प्रभावित क्षेत्रों का प्लॉट टू प्लॉट सर्वे जारी है।
जिले के बबीना, मोंठ, रक्सा सहित अन्य क्षेत्रों में बीते सप्ताह जोरदार बारिश और ओलावृष्टि हुई थी। ओलावृष्टि ने महानगर वासियों को जरूर ठंडक का एहसास कराया लेकिन, किसानों के दिलों पर यह आग बनके बरसे थे। गेहूं और मसूर की फसल पर गिरे ओलों ने फसल को बिछा दिया तो बारिश ने सड़न पैदा कर दी। शासन के आदेश पर जिला प्रशासन ने राजस्व, कृषि और बीमा कंपनी की संयुक्त टीम बनाकर किसानों के नुकसान का आकलन करना शुरू किया तो किसानों को हुई क्षति का भयावह मंजर देखने को मिला। मंगलवार को बबीना ब्लॉक में फसल नुकसान की रिपोर्ट आई तो पता चला कि यहां अधिकांश फसल बर्बाद हो चुकी है। इस ओलावृष्टि और बारिश से ब्लॉक के 29 गांवों में गेहूं और मसूर की फसल को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। जिसमें लगभग 14 हजार किसान प्रभावित हुए हैं। हालांकि, यह सर्वे अभी पूरे जिले का नहीं है।
1100 किसानों ने हेल्पलाइन नंबर पर सुनाया बर्बादी का फसाना
जिला कृषि विभाग द्वारा किसानों की मदद के लिए बनाए गए कॉल सेंटर पर किसानों ने फसल बर्बादी का फसाना सुनाते हुए नुकसान की भरपाई की शिकायत दर्ज कराई है। सोमवार की शाम तक हेल्पलाइन नंबर पर 1050 फोन और 45 लिखित शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। जिसमें किसानों ने अपनी फसल बर्बाद होने का दावा किया है।
वर्जन
बबीना ब्लॉक के 29 गांवों में गेहूं और मसूर की फसल लगभग पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। जिससे लगभग 14 हजार किसान प्रभावित हुए हैं। जिनकी सूची तैयार कराई जा रही है। अन्य क्षेत्रों में अभी प्लॉट टू प्लॉट सर्वे चल रहा है।
ललित कुमार पांडेय, तहसीलदार, झांसी सदर।