अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सेप्टिक टैंक की सफाई में मनमानी सामने आई है। नगर निगम की सीमा पार करके रक्सा से लेकर दिनारा तक सुपर सकर मशीनों से टैंक की सफाई कराई जा रही है, जो कि नियम विरुद्ध है। इसके लिए बाकायदा पर्ची भी काटी गई है।
नगर निगम ने बिजौली में दो फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए हैं। एक प्लांट छह तो दूसरा 12 केएलडी (किलो लीटर प्रति दिवस) का है। दोनों प्लांट के संचालन के लिए नगर निगम इंदौर की एक कंपनी को 4.60 लाख रुपये मासिक भुगतान करता है। वहीं, कंपनी द्वारा सैप्टिक टैंक की सफाई के लिए संबंधित व्यक्ति अथवा संस्थान से तय फीस भी ली जाती है। नगर निगम जिस भी काम का टेंडर निकालता है, उसका कोई भी कार्य महानगर की सीमा के बाहर नहीं होता है। मगर एफएसटीपी के संचालन में नियमों को दरकिनार कर दिया गया है। बताया गया कि जिस फर्म को ये टेंडर दिया गया है, वो नगर निगम की ही सुपर सकर मशीनों से कर्मचारियों द्वारा नगर की सीमा के बाहर भी सेप्टिक टैंक की सफाई करवा रही है। जो रसीद काटी गई है, उसमें नगर निगम की सीमा के बाहर रक्सा तक में सफाई होने का उल्लेख है। इसके अलावा दिनारा में भी सफाई की गई है। जबकि, दिनारा मध्य प्रदेश में आता है। एक बार सफाई करने की तीन हजार रुपये रसीद भी काटी गई है। इससे सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। इसकी शिकायत भी नगर आयुक्त से की गई है। नगर आयुक्त सत्य प्रकाश का कहना है कि अभी शिकायती पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलते ही जांच कराकर हकीकत पता की जाएगी।