झांसी। रबी सीजन का आखिरी पड़ाव किसानों पर भारी गुजर रहा है। फसल पक कर तैयार है, लेकिन मौसम में अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। पिछले एक पखवाड़े से रुक - रुककर आंधी, बारिश और ओले गिरने का क्रम जारी है। कुदरत के इस कहर से तमाम किसानों की लागत और मेहनत पानी में चली गई है। मदद के लिए वे सरकार की ओर देख रहे हैं।
मानसूनी सीजन में हुई अच्छी बारिश से इस बार रबी की फसल अच्छी तैयार हुई थी। खेतों में गेहूं, चना, मसूर की फसल लहलहा रही थी। किसान भी खुश थे। लेकिन, 29 फरवरी की रात अचानक मौसम पलट गया। आंधी के साथ तेज बारिश हो गई। इससे कई इलाकों में खेतों में खड़ी फसल बिछ गई। मौसम की ये बेरुखी अब भी लगातार जारी है। बृहस्पतिवार - शुक्रवार की दरम्यानी रात एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया। जिले के गरौठा, रानीपुर, मऊरानीपुर, खिलारा समेत कई इलाकों में बारिश के साथ ओले भी गिरे। ललितपुर के भी पुलवारा समेत कई इलाकों में बारिश के साथ ओले भी गिरे। मौसम के इस मिजाज से खेतों में खड़ी फसलों को तो नुकसान हुआ ही, साथ ही तमाम किसानों की खलिहानों में रखी कटी फसल भी बर्बाद हो गई। प्रशासन की ओर से क्षति का आकलन कराया जा रहा है।
वहीं, कृषि मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. मुकेश चंद्र ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में ये बदलाव आया है। अगले दो - तीन दिनों तक मौसम का यही रुख रहने के आसार हैं। वहीं, जिला कृषि अधिकारी कमलेश सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं पाया गया है। ओलों का आकार छोटा होने की वजह से फसल ज्यादा प्रभावित नहीं हुई है।