झांसी। मौसम का बदला हुआ मिजाज किसानों पर भारी पड़ा है। जिले के कई इलाकों में आंधी और बारिश से गेहूं की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। जिला प्रशासन की ओर से किसानों को हुई क्षति की भरपाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी ने तहसीलों को फसल को हुए नुकसान के आकलन के निर्देश दिए हैं।
पिछले एक पखवाड़े से मौसम साफ बना हुआ था। पारा अपनी रफ्तार से ऊपर चढ़ रहा था। लेकिन, सोमवार की शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज आंधी चली और हल्की बूंदाबांदी भी हुई। बीते रोज मंगलवार को दिन भर बादल छाए रहे, जबकि शाम को आंधी के साथ अच्छी बारिश हुई। मंगलवार - बुधवार की दरम्यानी रात मौसम का यही मिजाज बना रहा। इसका खामियाजा किसानों को भुगताना पड़ा है। आंधी चलने से जिले के कई क्षेत्रों में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बिछ गई है। जबकि, खलिहान में कटी पड़ी फसल पानी से गिली हो गई है। उपज पच्चीस प्रतिशत तक प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, इसके सही आंकलन के लिए जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने तहसीलों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
पारा और नीचे आया
मौसम में बदलाव की वजह से तापमान का ग्राफ लगातार नीचे की ओर आ रहा है। सोमवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहा था, जो मंगलवार को लुढ़ककर 32 डिग्री सेल्सियस पर आ पहुंचा था। बुधवार को इसमें पांच डिग्री की और कमी आई है। अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को हल्के बादल छाए रह सकते हैं। इसके बाद मौसम साफ होने की संभावना है।
किसान नुकसान की लिखित में दें सूचना
प्रधानमंत्री फसल बीमा का लाभ लेने के लिए किसान फसलों को हुए नुकसान की लिखित में सूचना जिलाधिकारी और कृषि विभाग को दें। ऐसा न करने पर उन्हें बीमा के लाभ से वंचित रहना पड़ सकता है। ये सूचना उन्हें तत्काल देनी होगी।
क्रय केंद्रों पर गेहूं भीगा
अचानक बारिश होने की वजह से क्रय केंद्रों पर खुले में रखा गेहूं भीग गया। अपर जिलाधिकारी नगेंद्र शर्मा ने बताया कि पीसीएफ के कृषक सेवा केंद्र गरौठा में 48 और ढिपकई में गेहूं की 20 बोरी आंशिक रूप से भीग गईं। ये रिपोर्ट उन्होंने जिलाधिकारी को दी है।
किसानों साझा किया दर्द
पिछले साल हुई अच्छी बारिश की वजह से इस साल गेहूं की फसल अच्छी तैयार हुई थी। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद थी। लेकिन, अंत समय में आंधी और बारिश की वजह से फसल बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। गेहूं की खेत में कटी पड़ी फसल आंधी से यहां वहां फैल गई और बारिश से गिली हो गई है। दाना काला पड़ने लगा है।
- रमेश यादव, किसान - पाली ग्राम
दो एकड़ जमीन में गेहूं बोया था। फसल अच्छी तैयार हो गई थी। आंख का ऑपरेशन कराया है, जिससे कटाई में थोड़ी देरी हो गई। ऐसे में आंधी आने से खड़ी फसल खेत में बिछ गई है। बचाना मुश्किल हो रहा है। मेहनत और लागत, दोनों ही बर्बाद होती दिख रही है। अब अगर और बारिश होती है तो फसल से एक दाना भी निकालना मुश्किल हो जाएगा।
- विश्वनाथ राजपूत, किसान - रक्सा