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जिस पर थी सुरक्षा की जिम्मेदारी, उसी ने लगवाई सेंध

Tue, 18 Oct 2016 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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police, jhansi news - फोटो : demo
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टोल बेरियर पर जमा होने वाले कैश की सुरक्षा के लिए लगाया गया सुरक्षा कर्मी (बाउंसर) ही एक करोड़ 92 हजार रुपये की लूट का मास्टर माइंड निकला। पुलिस ने घटना का पर्दाफाश करते हुए तीन लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया है। लूटी गई रकम में से एक करोड़ अस्सी हजार रुपये बरामद कर लिए गए हैं। यह रकम एक लुटेरे ने अपने पड़ोसी के घर छुपाई थी। 
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13 अक्तूबर की सुबह सशस्त्र लुटेरों ने रेडिएंट कैश मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (आरसीएमएस) के कर्मचारी राकेश कुमार स्वर्णकार, राजेश परिहार और संजीव सिंह से एक करोड़ 92 हजार रुपये नकद और कार लूट ली थी। कर्मचारी यह रकम मारुति कार से चिरगांव टोल प्लाजा से झांसी नगर में स्थित आईसीआईसीआई बैंक में जमा करने के लिए आ रहे थे। चार लुटेरों ने असलहों के बल पर घटना को अंजाम टोल प्लाजा से महज छह किमी की दूरी पर हाईवे पर दिया था। घटना के अगले दिन कार घटना स्थल से छह किमी दूर महेबा खेरा गांव के जंगल में मिल गई थी। 
सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में आईजी (कानपुर जोन) जकी अहमद ने घटना का पर्दाफाश करते हुए बताया कि सोमवार को पुलिस ने चिरगांव थाना क्षेत्र के रामनगर तिराहे से जायलो कार से मध्य प्रदेश की तरफ भाग रहे वारदात में शामिल तीन लुटेरों को घेराबंदी करके पकड़ लिया। लुटेरों की निशानदेही पर पुलिस ने लूट की रकम में से एक करोड़ अस्सी हजार रुपये बरामद कर लिए हैं। आरोपियों के नाम टोड़ी फतेहपुर के थाना क्षेत्र के ग्राम बेरबई निवास राहुल यादव (धीरू), मोंठ थाना क्षेत्र के ग्राम सेमरी निवासी मिथुन यादव व राहुल हैं।
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उन्होंने बताया कि वारदात की साजिश मोंठ थाना क्षेत्र के ग्राम सेमरी निवासी टोल प्लाजा के बाउंसर मोहित यादव ने अपने दोस्त मिथुन के साथ दो माह पहले रची थी। दोनों ने साजिश में अपने छह साथियों को भी शामिल किया। वारदात के दिन इनके साथी शत्रु ने जायलो गाड़ी से मानवेंद्र, धीरू, अमित व रामअवतार को घटना स्थल पर उतारा। घटनास्थल पर उतरकर लुटेरों ने हाइवे कर्मियों की पीले रंग की जैकेट पहनी और दिखावे के लिए सड़क पर रस्सी बांधकर चूना डालने का काम करने लगे, ताकि कार की गति धीमी हो जाए। लुटेरों की प्लानिंग काम भी कर गई। कुछ देर बाद जब टोल प्लाजा से कर्मचारी कार से कैश लेकर निकलने की तैयारी में थे, तो वहां पहले से एक बाइक पर खड़े बदमाश ने घटनास्थल पर पहुंचकर अपने साथियों को इशारा कर दिया। जैसे ही कार घटनास्थल पर रस्सी लगी होने पर धीमी हुई, वहां मौजूद चारों बदमाशों ने कट्टा लगाकर कर्मचारियों को बाहर निकाला और कार व नकदी लेकर भाग गए। कार को महेबाखेड़ा के जंगल में छोड़ने के बाद तीन बदमाश पैदल जंगल के रास्ते बेतवा नदी नाव से पार कर भागे व चौथा बदमाश दूसरे रास्ते भाग गया। नदी पार करने के बाद तीनों बदमाश फिर से जायलो में सवार होकर अपने - अपने घर चले गए। धीरू बोरे में रखे तीनों बैग पड़ोसी अनवर के घर ले गया। उसने अनवर को बताया कि बोरे में चने भरे हुए हैं और बोरे अनवर के घर की टांढ़ पर रख दिया। पुलिस से बचने के लिए लुटेरे अलग-अलग स्थानों पर रुकते रहे। 
आईजी ने बताया कि लुटेरों को पकड़ने के लिए फील्ड इंटेलीजेंस ने मजबूत प्लानिंग की थी, जिसके चलते लूट का घटना का एक सप्ताह के भीतर ही राजफाश हो गया है। उन्होंने बताया कि साजिश में शामिल बाउंसर मोहित यादव के अलावा टोड़ी फतेहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बेरवई निवासी राम अवतार, मानवेंद्र पटेल, शत्रु व ग्राम मटोन निवासी अमित फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पत्रकार वार्ता में डीआईजी शरद सचान, एसएसपी अब्दुल हमीद मौजूद थे।

टीम में ये थे शामिल
पुलिस उपाधीक्षक चंद्रकेश सिंह, स्वाट प्रभारी उपनिरीक्षक विक्रम सिंह, समथर थानाध्यक्ष मनोज मिश्रा, प्रेमनगर थानाध्यक्ष प्रवीण यादव, चिरगांव थानाध्यक्ष कृष्णदेव सिंह यादव, पीआरओ सेल प्रभारी कृष्णदेव सिंह, कांस्टेबल नरेंद्र, संजीव शर्मा, शत्रुंजय सिंह, चंद्रशेखर यादव, दुर्गेश चौहान, मनोज, प्रशांत यादव, अंजुल यादव।

यह हुई बरामदगी 
पुलिस ने लुटेरोें के पास से एक करोड़ 80 हजार के अलावा, तीन तमंचे, वारदात में प्रयुक्त जायलो गाड़ी व जैकेट, टोपी व डंडा बरामद कर लिया है।

व्यापारियों ने दी बधाई 
पुलिस लाइन में वारदात के खुलासे के समय पहुंचे व्यापारियों नेताओं ने आईजी कानपुर जोन को पुष्प गुच्छ देकर बधाई दी। इस मौके पर संजय पटवारी, संतोष साहू, अशोक जैन, वीरेंद्र राय शामिल थे।
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