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‘पीड़ितों’ को घुड़की, ‘आरोपियों’ को कुर्सी

Thu, 24 Dec 2015 01:26 AM IST
झांसी/ ब्यूरो
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झांसी। सूबे के मुखिया महिलाओं को सम्मान व अधिकार की पुरजोर पैरवी कर रहे हैं, मगर पुलिस उनकी मंशा को तार-तार कर रही है। आरोपियों को कुर्सी दी जा रही है, जबकि पीड़ितों को जमीन पर बैठकर दरोगाओं से मदद की गुहार लगानी पड़ रही है।
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बुधवार की दोपहर नवाबाद थाने में यही स्थिति थी। जमीन पर बैठी पीड़ित महिला को दरोगा जी फटकार रहे थे, जबकि आरोपी के पिता कुर्सी पर बैठकर भला बुरा कह रहे थे।

दोपहर के करीब साढ़े बारह बजे थे। नवाबाद थाने के एक दरोगा धूप में कुर्सी डालकर बैठे हुए थे। इसी बीच प्रेमनगर के खाती बाबा निवासी सरोज पत्नी राजेंद्र अपनी बेटी वर्षा के साथ क्षतिग्रस्त एक्टिवा लेकर थाने पहुंचीं। उन्होंने दरोगा को बताया कि दो दिन पूर्व सोमवार को इलाइट चौराहा पर बाइक सवार युवक ने टक्कर मारकर एक्टिवा क्षतिग्रस्त कर दी है। अब युवक बाइक सुधरवाने के बजाए धमका रहा है। इस पर दरोगा ने फोन से आरोपी युवक को थाने आने को कहा।
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कुछ ही देर में आरोपी युवक के बजाए उसके पिता थाने पहुंच गए। सत्ताधारी पार्टी से जुड़े नेताजी के थाने पर पहुंचते ही न्याय दिलाने का दावा करने वाले दरोगाजी के सुर बदल गए।

उन्होंने नेताजी की पहले खूब आवभगत की फिर भृकुटी तानकर पीड़िता को बुलाया। पीड़िता के खड़े होने पर दरोगाजी भड़क गए और जमीन पर बैठने का फरमान सुना दिया। वहीं, नेताजी आराम से कुर्सी पर बैठे रहे।

दरोगा के सामने ही नेताजी ने महिला से कहा कि वह न गाड़ी सुधरवाएंगे और न क्षतिपूर्ति करेंगे, जहां शिकायत करनी है, वहां कर लो। दरोगा ने भी पीड़िता को खरीखोटी सुनाई और थाने से चलता कर दिया।
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