झांसी। साप्ताहिक बंदी दिवस मंगलवार को व्यापारियों व उनके मुनीमों का उगाही के लिए जाना अब जोखिम भरा होता जा रहा है। बदमाश इन्हें निशाना बनाकर लूट की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। अब तक हुई वारदातों में से पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर पा रही है।
जिले के थोक कारोबार का केंद्र शहर का बड़ा बाजार, सुभाष गंज, गांधी रोड, बिसाती बाजार है। यहां पर सोना, चांदी, किराना, गेहूं, तेल, हौजरी, कॉस्मेटिक की दुकानें हैं। इन बाजारों का साप्ताहिक बंदी दिवस मंगलवार को है, जिसकी वजह से व्यापारी तथा उनके मुनीम उगाही करने अथवा आर्डर लेने के लिए मंगलवार को ही निकलते हैं।
पुलिस की सुस्ती और बदमाशों की सक्रियता की वजह से व्यापारियों व उनके मुनीमों का उगाही के लिए निकलना जोखिम भरा हो गया है। मौका लगते ही बदमाश इनको अपना निशाना बनाकर लूट का शिकार बना लेते हैं। पुलिस रिपोर्ट दर्ज करके कर्तव्यों की इतिश्री कर लेती है, यही वजह है कि अभी तक पुलिस एक भी कारोबारी अथवा मुनीम के साथ हुई लूट का खुलासा नहीं कर सकी है।
वारदात नंबर एक :- 29 दिसंबर को सर्राफा कारोबारी विवेक अग्रवाल की दुकान पर काम करने वाले जितेंद्र व रवि उगाही करने और आर्डर पर बने सोने के जेवर की सप्लाई करने कार से ललितपुर गए थे। रात करीब 11 बजे वह लौटकर आए। चालक ने कार खड़ी कर दी तथा दोनों कर्मचारी बाइक संख्या यूपी 93 वाई- 3289 से कारोबारी के घर जा रहे थे। दीक्षित बाग में बाइक पर सवार बदमाशों ने तमंचे के बल पर उनसे लाखों के जेवरात व उगाही के रुपये लूट लिए।
वारदात नंबर दो :- 23 फरवरी को तालबेहट से वसूली करके आ रहे उनाव गेट बाहर निवासी कारोबारी विनोद साहू से बदमाशों ने बबीना में तमंचे के बल पर 1.20 लाख रुपये लूट लिए थे। दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग भी की। बदमाशों के जाने के बाद व्यापारी ने मदद के लिए शोर मचाया। पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली, पर अभी तक इस वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश पकड़े नहीं गए हैं।
क्या कहना है व्यापारियों का
सुभाष गंज के थोक कारोबारी अरविंद मुड़िया का कहना है कि व्यापारियों के साथ लगातार लूट की वारदातें हो रहीं हैं। उधारी की उगाही के लिए उनके पास मंगलवार के अलावा कोई दिन नहीं है। व्यापारी लूट की वारदातों से भयभीत हैं। वह बताते हैं कि विगत वर्ष पंडित कृष्ण गोपाल शुक्ला के साथ पांच लाख रुपये की लूट हुई। दो माह पहले कारोबारी विनोद साहू से 85 लाख रुपये लूटे गए, इन घटनाओं का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है।
सर्राफा बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल का कहना है कि सर्राफा कारोबारियों में भय का माहौल है। व्यापारी अपनी रिस्क पर कारोबार कर रहे हैं। कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नजर नहीं आती है। दिसंबर में 65 लाख रुपये की लूट हुई, इसका आज तक पुलिस ने खुलासा नहीं किया है। जबकि, तीनों लुटेरों के बारे में पुलिस को पता चला गया है। एक लुटेरा जेल में हैं और दो बाहर घूम रहे हैं। अभी तक जेल में बंद लुटेरों को रिमांड पर लेकर पूछताछ तक नहीं की है।
यदि मंगलवार को ही व्यापारियों के साथ लूट की अधिकांश वारदातें हुई हैं, तो यह रोचक तथ्य है। वारदातों की गूगल मैपिंग कराई जाएगी और फिर इसके बाद रणनीति बनाई जाएगी।
मनोज तिवारी, एसएसपी झांसी